डूबने वाले तेरे हाथ से साहिल तो गया

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अपील
बढ़ के तूफ़ान को आग़ोश में ले ले अपनी!

डूबने वाले तेरे हाथ से साहिल तो गया!!

हम अपने रब का अत्या (gift) समझकर इसकी क़द्र करें वरना याद रखें की रब इस क़िस्म के मौके बार बार नहीं देता । और जो क़ौम उसके GIFTS या नियमतों का शुक्र और क़द्र नहीं करती तो उन से नियमतों को छीन लिया जाता है 

हिंदुस्तान की तारीख़ में एक नई रक़म तामीर करते हुए दिल्ली वक़्फ़ पब्लिक स्कूल (DWPS) English Medium School  बनाने के लिए दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड की ओर से ऐसा क़दम उठाया गया है जो मुल्क के साथ मुस्लिम कम्युनिटी की भी तक़दीर बदल सकता है ।

इसके लिए जिस हिम्मत ,जोश और Dedication की ज़रुरत थी उसको अंजाम तक पहुँचाने के लिये DWB के ज़िम्मेदारांन और मेम्बरान का जो रोल रहा वो तो क़ाबिल ए सताइश है ही मगर इसमें कलीदी किरदार अदा करने वाली २ ऐसी शख्सियात का ज़िक्र बेहद ज़रूरी है जिन्होंने बेबाक और बेलॉस होकर मुखलिसना अपनी ज़िम्मेदारी को निभाने का अज़्म (संकल्प ) किया ।

उनमें से एक नाम रिवर व्यू होटल के मालिक , अल हफ़ीज़ अकादमी के सरपरस्त ,इंजीनियर कलीमुल हफ़ीज़ , दिल्ली से पूर्व लोक सभा प्रत्याशी ,मेंबर दिल्ली एजुकेशनल बोर्ड (दिल्ली सरकार ) और जानी मानी एडुकेशनिस्ट आतिशी मार्लिना, डॉ रेहान सूरी  और डॉ सलमान असद हैं ।

इन सभी शख़्सियात का सहयोग (ताव्वुन ) जब दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड (DWB) के चेयरमैन और ओखला से AAP के जुझारू व बेख़ौफ़ विधायक अमानतुल्लाह खान को मिला तो उन्होंने अपने तमाम असर ओ रुसूख़ का भरपूर इस्तेमाल किया और दिल्ली के CM अरविन्द केजरीवाल से DWPS के 15 स्कूलों को मंज़ूरी दिला दी ।

और साथ ही उसपर तेज़ी से अमल दरामद करते हुए मज़कूरा (above mentioned) स्कूलों की मुख़्तलिफ़ असामियों (vacancies) के लिये विज्ञापन (इश्तेहरात ) भी दे दिये गए ।इसके अलावा दिल्ली के सरकर्दा लोगों और अवाम से भी अपील की गयी की वो स्कूलों के लिये buildings किराये पर दिलाने और स्कूलों के क़याम (Establishment ) के सिलसिले में अपना सहयोग दें ।

एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर के आधुनिकरण और गुणवत्ता में दिल्ली सरकार ने अपनी वचन बद्धता को निभाते हुए काफी सतर्कता दिखाई है और दिल्ली सरकार का इन दोनों ही Sectors में सराहनीये प्रदर्शन रहा है ।ख़ास तौर पर डिप्टी CM और शिक्षा मंत्री (दिल्ली सरकार) मनीष सिसोदिया जी ने जिस सच्चाई और सतर्कता से अपने कर्तव्य का पालन किया है वह भी स्मरणीय रहेगा ।जबकि यह सब AAP के सुप्रीमो तथा दिल्ली के CM अरविन्द केजरीवाल जी के नेतृत्व में ही संभव होपाया है , जो केजरीवाल के विज़नरी होने की दलील है ।

 

मैं कलीमुल हफ़ीज़ दिल्ली सरकार और ख़ास तौर पर मुख्यमंत्री श्री अरविन्द केजरीवाल साहब और डिप्टी CM श्री मनीष सिसोदिया जी का दिल्ली के मुस्लिम समाज की तरफ़ से शुक्रिया अदा करता हूँ , और उम्मीद करता हूँ की दिल्ली सरकार का यह क़दम देश की तरक़्क़ी और विकास में मील का पत्थर साबित होगा ।पिछली सरकारों की इस सम्बन्ध में लापरवाही एक बड़ी सियासी व सामाजिक चूक थी जिसका ख़मयाज़ा शायद सरकारों ने भुगता भी और देश ने भी ।

 

नोट : 1 डायरेक्टर, 16 प्रिंसिपल, 160 टीचर्स और दीगर स्टाफ़ की भर्ती के लिए अंग्रेज़ी, हिन्दी और उर्दू अख़बारात में इश्तहार शाय (विज्ञापन प्रकाशित ) किये जा चुके हैं जिसकी आख़िरी तारीख़ 19 जून है।
बिल्डिंग्स (इमारात ) काे किराये पर लेने का इश्तिहार (विज्ञापन ) दिया जा चूका है जिसकी आख़िरी तारीख़ 18 जून है।

 

इस सिलसिले मैं DWPS CONVENER कलीमुल हफ़ीज़ दिल्ली की तमाम मुस्लिम तंज़ीमों से अपील करता हूँ कि वो मुम्किना बिल्डिंग्स के मालिकान से 18 जून तक इश्तहार में दिए गए फोन नंबर्स या पते पर राबिता कराने की Request करें और साथ ही बासलाहियत और होनहार खुवाहिशमंद लोगों को दिए गए पते पर 19 जून तक राबिता कराने के लिए बात करें।

साथ ही कलीमुल हफ़ीज़ इस बात की भी अपील करते हैं कि इस नाज़ुक दौर में अपनी क़ौम को मैयारी तालीम (STANDARD EDUCATION ) मुहय्या कराने के लिए रहनुमाई फ़रमाएँ, जिस तरह तेलंगाना की तमाम ताज़ीमों ने, TILANGANA MINORITIES RESIDENTIAL EDUCATIONAL INSTITUTION ‘S  SOCIETY (TMREIS ) की अपील पर, बहुत कम वक़्त में 204 स्कूलों को क़ायम करने में मदद की थी।

आपकी दुआओं के तुफ़ैल दिल्ली में तालीम के मैदान में तारीख़ी काम की पहल हो चुकी  है जिसको हम अपने रब का अत्या (gift) समझकर इसकी क़द्र करें वरना याद रखें की रब इस क़िस्म के मौके बार बार नहीं देता । और जो क़ौम उसके GIFTS या नियमतों का शुक्र और क़द्र नहीं करती तो उन से नियमतों को छीन लिया जाता है ।

कलीमुल हफ़ीज़
कन्वीनर – दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड एजुकेशन कमेटी (DWPS )

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