कोलकाता में अमित शाह पर रैली के दौरान हुआ हमला ,बाल बाल बचे , कहा मैं सुरक्षित हूँ
शाह को भी हुआ पुलिस मूकदर्शिता का आभास , उन्होंने कहा TMC के गुंडे हमला करते रहे और पुलिस मूक दर्शक बानी रही

कोलकाता :कोलकाता में अमित शाह (Amit Shah) के रोड शो के दौरान भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुईं. इस घटना के बाद ममता बनर्जी और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गया

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कोलकाता में अमित शाह की रोड शो के दौरान TMC और BJP समर्थकों के बीच हिंसक झड़प होगई , सूचना है कि अमित शाह पर भी हमले की हुई थी कोशिश किन्तु उनको सेक्युरिटी सुरक्षित निकाल ले गयी .
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हिंसा तब भड़क उठी जब विद्यासागर कॉलेज के भीतर से TMC के कथित समर्थकों ने अमित शाह के काफिले पर पथराव किया, जिससे दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच झड़पें हुई. गुस्साए बीजेपी समर्थकों ने भी तृणमूल के समर्थकों पर ताबड़ तोड़ हमला करदिया ,और कॉलेज के प्रवेशद्वार के बाहर एक दुसरे के साथ मारपीट करते नजर आए. इस घटना के बाद ममता बनर्जी और बीजेपी के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गया.
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, ‘टीएमसी के गुंडों ने मुझपर हमला करने की कोशिश की और (पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री) ने हिंसा भड़काने का प्रयास किया, लेकिन मैं सुरक्षित हूं.’ शाह ने कहा कि झड़प के दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही.
BJP अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस ने उन्हें अवगत कराया था कि रोडशो की permission कॉलेज के नज़दीक तक है ,पुलिस ने उनको यह भी बताया था कि उन्हें स्वामी विवेकानंद के बिधान सारणी के पैतृक आवास पर ले जाया जाएगा. शाह ने दावा किया, ‘वे (पुलिस) नियोजित मार्ग से हट गए और उस रास्ते पर ले गए जहां ट्रैफिक जाम था.
उधर, ममता बनर्जी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शाह को ‘गुंडा’ बताया. उन्होंने शहर के बेहाला की रैली में कहा, ‘अगर आप विद्यासागर प्रतिमा तक पर हाथ ले जाते हैं तो मैं आपको गुंडे के अलावा क्या कहूंगी.’ दीदी ने कहा, ‘मुझे आपकी विचारधारा से घृणा है, मुझे आपके तरीकों से नफरत है.’

साथ ही ममता ने विद्यासागर की आवक्ष प्रतिमा तोड़े जाने के खिलाफ गुरुवार को एक विरोध रैली की घोषणा की. ममता ने कहा कि क्या अमित शाह भगवान से ऊपर हैं कि उनके खिलाफ कोई प्रदर्शन नहीं कर सकता.
इस बीच बीजेपी ने मंगलवार को चुनाव आयोग से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राज्य में चुनाव-प्रचार से रोकने का अनुरोध किया और आरोप लगाया कि वहां ‘संवैधानिक तंत्र’ ध्वस्त हो गया है. कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान हिंसा और आगजनी की घटना के बाद केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और मुख्तार अब्बास नकवी सहित पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग पहुंचा और राज्य में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की.
भाजपा ने अपने लाडले अल्पसंख्यक मंत्री नकवी का strategic उपयोग करते हुए ममता बनर्जी पर कथित तौर पर भाजपा को निशाना बनाने के लिए हिंसा में ‘सहभागी’ होने का आरोप लगाया और दावा किया कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के अपने कार्यकर्ताओं को भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला करने के लिए ‘उकसाया’.
अधिकारियों ने बताया कि कॉलेज स्ट्रीट पर कलकत्ता विश्वविद्यालय परिसर के बाहर झड़प तब शुरू हो गई जब एक समूह ने शाह के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी. अब यहाँ एक बात क़ाबिल इ ग़ौर है कि जब ग़ैर भाजपाई प्रोग्रामों में मोदी मोदी के नारे लगाए जाते हैं तो कोई आपत्ति नहीं जताई जाती , लेकिन यदि भाजपा अध्यक्ष या किसी और नेता के खिलाफ कोई नारा लगाया जाए तो यह जुर्म होगया , इसी को विपक्ष और जनता इमरजेंसी से ताबीर (उपेक्षा ) करती है .