वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ इमरान प्रतापगढ़ी का अनोखा विरोध, काले कपड़े पहनकर किया विरोध
वक्फ संशोधन बिल संविधान की भावना के ख़िलाफ़: सांसद सैयद नसीर हुसैन
वक्फ बिल के जरिए बीजेपी की सांप्रदायिक ध्रुवीकरण
विधेयक में विपक्षी सदस्यों की कोई सिफ़ारिश शामिल नहीं
जेपीसी सदस्य रहे डॉ.सैयद नसीर हुसैन का वक़्फ़ बिल पर दर्द आया सामने
Waqf Amendment Bill :नई दिल्ली:कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी संसद पहुंचते समय काले कपड़े पहने नजर आए। उन्होंने इस दौरान कहा कि यह वक्फ बिल अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला है, हम इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और ऑल इंडिया माइनॉरिटी विंग के चेयरमैन इमरान प्रतापगढ़ी ने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 का अनोखे और अनूठे अंदाज में विरोध किया था ।
इमरान प्रतापगढ़ी 2 अप्रैल को जब संसद पहुंचे तो वह काले कपड़े पहने नजर आए। उन्होंने अपने हाथ में एक तख्ती पकड़ी हुई थी जिस पर लिखा था ‘वक्फ बिल खारिज’।
उन्होंने सदन में बहुत ही ज़ोरदार अंदाज़ से इस विधेयक कि मुख़ालफ़त की थी . उनके अंदाज़ और तेवर देखकर सत्तापक्ष को भी पसीना आगया था .
इस दौरान उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक कार्यों के मंत्री किरण रिजिजू भले इसको मुसलमानों के लिए नई उम्मीद बता रहे हैं लेकिन इस बिल में उम्मीद की कोई किरण नहीं है .
विपक्षी दल के कड़े विरोध के बावजूद वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पारित हो गया।राज्यसभा में विधेयक के पक्ष में 128 और विपक्ष में 95 वोट पड़े।
सदन में विधेयक के खिलाफ बोलते हुए कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और जेपीसी सदस्य रहे डॉ.सैयद नसीर हुसैन ने वक्फ विधेयक को भाजपा का सांप्रदायिक ध्रुवीकरण बताया।
उन्होंने कहा कि सरकार कह रही है कि जेपीसी ने ये संशोधन सुझाये हैं, लेकिन यह केवल जेपीसी के एनडीए सांसदों का विचार है, अन्य दल के सभी लोगों और उनकी सिफारिशों को नजरअंदाज कर दिया गया।
नसीर हुसैन ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि 1995 और 2013 के विधेयक किसी को खुश करने के लिए लाए गए थे और सख्त थे, तो भाजपा ने उसका समर्थन क्यों किया था ? भाजपा के लोग पूरे देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा ने 2013 में इस विधेयक का समर्थन किया था, जिसके बाद 2014 में एनडीए सत्ता में आई। और 10 साल तक सत्ता में रहने के दौरान उन्होंने कभी इस बारे में बात नहीं की।
लेकिन 2024 में बिल फिर से याद आ गया, क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को बहुमत नहीं मिला । इसलिए भाजपा चाहती है कि ऐसे मुद्दे चलते रहें, देश बंटता रहे और जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाते रहो ।
डॉ नासिर ने कहा भाजपा की नीति का यह हिस्सा है के हिन्दू-मुस्लिम बंटवारे की राजनीति जारी रेहनी चाहिए । जो संशोधन लाए गए हैं वे संविधान की भावना के विरुद्ध हैं। यह अनुच्छेद 14, 25, 26, 30 का उल्लंघन है।
यह कानून के समक्ष समानता की अवधारणा के खिलाफ है। यह विभिन्न वर्गों के लिए कानून में समानता के विरुद्ध है। और भाजपा एक राष्ट्र, एक कानून, यूसीसी के बारे में जो भी कहती है, वह उसके भी खिलाफ है।
पिछले दिनों से लगातार वक्फ एक्ट और बोर्ड के बारे में गलत सूचनाएं फैलाई गईं . जनता को भ्रमित किया गया . Narattive Set किया गया ताकि जनता Road पर न आये .
गोदी मीडिया ने इस काम को ज़िम्मेदारी से पूरा किया . और भाजपा का आईटी सेल देश में नफ़रत और भय का माहौल बनाने में अपना दिनों रात लगा रहा है .
देश के टुकड़े करने और झूठ पे झूठ फैलाने पर बीजेपी लाखों करोड़ खर्च कर रही है । जबकि देश में भुखमरी और ग़रीबी लगातार बढ़ रही है बेरोज़गारी बढ़ रही है .
अपराध लगातार बढ़ रहा है क्योंकि बेरोज़गारी बढ़ रही है . और वक़्फ़ बेरोज़गारी को खत्म करने का बड़ा माध्यम हो सकता है जिसके बारे में कोई रोड मैप पेश नहीं किया गया है .
वक्फ का अर्थ है अल्लाह के नाम पर, ज़रूरतमंद बन्दों की सेवा के लिए संपत्ति दान करना । जो न बेचीं जा सकती न वापस ली जा सकती . यह दान हमेशा के लिए दिए जाने का नाम वक़्फ़ है जो हमेशा वक़्फ़ रहेगा .