प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में लगभग 33 हजार 500 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर श्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत और विस्तारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज शुरू की गई परियोजनाओं से बुनियादी ढांचा सुदृढ़ होगा, कनेक्टिविटी में सुधार होगा और लोगों का जीवन सुगम बनेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि नए मेट्रो खंड से राजधानी के लाखों निवासियों को महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत, महिला सशक्तिकरण में एक नया अध्याय लिख रहा है और महिलाएं देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में राष्ट्रीय राजधानी निरंतर विकास पथ पर अग्रसर है। मोदी ने कहा कि भारत की महिला शक्ति हर क्षेत्र में नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने लगभग दस वर्षों तक विकास कार्यों को रोक रखा था। उन्होंने कहा कि अब भाजपा सरकार दिल्ली से विभिन्न चुनौतियों के समाधान के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। श्री मोदी ने कहा कि सरकार यमुना सफाई के लिए भी बड़े पैमाने पर काम कर रही है, जिसके तहत करोड़ों रुपये की परियोजनाएं चल रही हैं।
पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कार्यक्रम में हुई चूक पर प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर राष्ट्रपति का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मु आदिवासी समुदाय के एक प्रमुख उत्सव में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल गई थीं और टीएमसी ने राष्ट्रपति का सम्मान करने के बजाय कार्यक्रम का बहिष्कार किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू स्वयं आदिवासी समुदाय से आती हैं और उन्होंने हमेशा संथाल आदिवासी समाज के विकास के लिए चिंता व्यक्त की है। श्री मोदी ने कहा कि यह न केवल राष्ट्रपति का अपमान है, बल्कि देश के संविधान और लोकतंत्र की महान परंपराओं का भी अपमान है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज शुरू हुए नये मेट्रो खंड से राजधानी के लाखों निवासियों को लाभ मिलेगा। श्री मोदी ने 18 हजार 300 करोड़ रुपये की दिल्ली मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का भी उद्घाटन किया। इनमें मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर (पिंक लाइन) कॉरिडोर और दीपाली चौक-मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) कॉरिडोर शामिल हैं। इस नई कनेक्टिविटी से दिल्ली के बुराड़ी, भजनपुरा, यमुना विहार, मधुबन चौक, भलस्वा, मजलिस पार्क इलाकों को लाभ होगा।
प्रधानमंत्री ने दिल्ली मेट्रो के चरण 5-ए के तहत 16 किलोमीटर से अधिक लंबाई के तीन नए कॉरिडोर का भी शिलान्यास किया। ये कॉरिडोर हैं – आर.के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ, एयरोसिटी से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज। इन नए कॉरिडोर से राष्ट्रीय राजधानी के कई महत्वपूर्ण स्थानों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी और नोएडा, दक्षिण दिल्ली तथा हवाई अड्डे के बीच आवागमन में सुधार होगा।
आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने इस अवसर पर कहा कि मेट्रो रेल दिल्ली की जीवनरेखा बन गई है। उन्होंने कहा कि 2013-14 से पहले देश के केवल पांच शहरों में लगभग 245 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क था। श्री मनोहर लाल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में मेट्रो और नमो भारत आरआरटीएस नेटवर्क लगभग 1100 किलोमीटर हो गया है। उन्होंने ने कहा कि भारत, मेट्रो रेल नेटवर्क की दृष्टि से अमरीका और चीन के बाद विश्व का तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और आवास तथा शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू सहित अन्य लोग भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित सामान्य पूल आवासीय सुविधा – जीपीआरए टाइप फाइव का दौरा किया और महिला आवंटियों को चाबियां सौंपीं। इस अवसर पर श्री मोदी ने श्रमजीवियों से बातचीत भी की।
प्रधानमंत्री मोदी ने जीपीआरए पुनर्विकास योजना के तहत 15 हजार 200 करोड़ रुपये की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। नई दिल्ली के सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, कस्तूरबा नगर और श्रीनिवासपुरी जैसे प्रमुख स्थानों पर ये परियोजनाएं, जीपीआरए कॉलोनियों के आधुनिकीकरण और सरकारी कर्मचारियों तथा प्रशासनिक कार्यालयों के लिए विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार करने के सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का हिस्सा हैं।
इनका पुनर्विकास सरकारी खजाने पर बोझ डाले बिना एक अभिनव आत्मनिर्भर वित्तीय मॉडल के तहत किया गया है।पुनर्विकास योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए नौ हजार 350 से अधिक आधुनिक फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे और लगभग 48 लाख वर्ग फुट कार्यालय स्थान का विकास किया जाएगा। इससे प्रशासनिक दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी