अहमदाबाद: विजय रूपानी को आज गुजरात के 16 वें मुख्यमंत्री के तौर पर गवर्नर ओपी कोहली ने शपथ दिलाई .साथ ही नितिन पटेल को भी उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गयी . इस मौके पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के साथ बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे . इस अवसर पर 8 कैबिनेट और 16 राज्य मंत्रियों को भी पद और गोपनियता की शपथ दिलाई गई. समारोह की ख़ास बात यह रही कि आनंदीबेन मंत्रीमंडल के नौ मंत्रियों की छुट्टी कर दी गई.

इस बीच गुजरात बीजेपी कार्यकार्णी में काफी मनाने और रूठने का दौर चला , मशक़्क़त के बाद शुक्रवार को विजय रुपानी के नाम पर मुहर लगी थी. रूपानी के नाम को लेकर अमित शाह और आनंदीबेन पटेल के बीच नोक-झोंक भी हुई थी. हालांकि बीजेपी का यह फैसला बेहद चौंकाने वाला रहा क्योंकि नितिन पटेल का नाम सीएम पद के लिए चर्चा में रहा.याद रहे विजय रूपानी शुरू से ही बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की पसंद थे. रूपानी गुजरात भाजपा के अध्यक्ष हैं और प्रदेश के परिवहन मंत्री भी रहे हैं .
आनंदीबेन पटेल ने कुछ दिन पहले ही फेसबुक पर एक पोस्ट डालकर इस्तीफा देने के अपने फैसले की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि वह इस पद से हट जाना उपयुक्त समझती हैं क्योंकि वह इस साल नवंबर में 75 की हो जाएंगी. ऐसा माना जाता है कि प्रधानमंत्री ने केंद्र और राज्यों के मंत्रिमंडल में मंत्रियों के लिए यह ऊपरी उम्र सीमा तय कर रखी है.
नए सीएम के रूप में चुने गए रूपानी को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दोनों का करीबी माना जाता है. जैन समाज से संबंधित होना भी एक हद तक उनके पक्ष में गया है. रूपानी राजकोट से हैं. उन्होंने युवावस्था में ही छात्र राजनीति में भाग लेना शुरू कर दिया था. इमरजेंसी के दौरान वे जेल में भी रहे. विजय रूपानी के अलावा नितिन पटेल का नाम भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल था लेकिन आखिरकार सियासी समीकरण रूपानी के पक्ष में बने और नितिन पटेल को उप मुख्यमंत्री पद से ही संतोष करना पड़ा.देखना यह है की यह ताल मेल गुजरात बीजेपी के लिए कितना उपयोगी रहेगा या फिर नितिन पटेल के मन में समाये सपनो का ज्वाला चुनाव के दौरान बाहर आएगा .TOP BUREAU