Editorial & Articles

भरोसा कर नहीं सकते ग़ुलामों की बसीरत पर

(अपनी लीडरशिप की ज़रूरत से इनकार ज़ेहनी ग़ुलामी की इन्तिहा और अपनी तारीख़ से नावाक़फ़ियत है) इन्सान जब अपने बुलन्द मक़ाम को भूल जाता है...

मिल्ली जमाअतों और तंज़ीमों को प्रेस रिलीज़ से आगे बढ़ना चाहिये

(हिकमत और मस्लिहत जब हद से गुज़र जाती है तो बुज़दिली और कम हिम्मती की हदों में दाख़िल हो जाती है) ये बज़्मे-मय है यहाँ...

कि अकबर नाम लेता है ख़ुदा का इस ज़माने में

(उमर गौतम के बाद मौलाना कलीम सिद्दीक़ी की गिरफ़्तारी, यानी भारत बहुसंख्यकवाद की तरफ़ तेज़ी से जा रहा है) ख़ुदा का नाम लेना इन्सान का...

पंजाब : दो सिद्धू नेताओं के बीच फस गई कांग्रेस ?

पंजाब के पटियाला के दो सिद्धू नेता पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पंजाब कॉन्ग्रेस इकाई के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की राजनैतिक महत्वाकांक्षा,...

ये तो नहीं किसी पे भरोसा किया न जाए

‘हर चन्द ऐतिबार में धोखे भी हैं मगर, ये तो नहीं किसी पे भरोसा किया न जाए’ (तथाकथित सेक्युलर पार्टियों की जगह अपनी लीडरशिप पर...

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