कनाडा में लगे खालिस्तान समर्थक पोस्टर  

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कनाडा के PM जस्टिन ट्रूडो खालिस्तान समर्थकों के बचाव में दिखे, हिंसा की वकालत पर भड़का भारत

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो खालिस्तान मुहीम के सपोर्ट में दिखाई दिए , पत्रकार सम्मलेन में उनके बयान पर भारत ने जताई कड़ी आपत्ति .

विदेश मंत्रालय की ओर से कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गयी है जिसमें उन्होंने पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि कनाडा की धरती पर सभी को अभिव्यक्ति की आजादी है. भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि स्वतंत्रता का इस्तेमाल हिंसा भड़काने या आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जा सकता.

अरिंदम ने कहा है कि कनाडा सरकार से साफ़ शब्दों में कहा गया है कि वो हिंसा और अलगाववाद का प्रचार करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे. बागची ने आगे कहा कि मुद्दा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का नहीं है, बल्कि हिंसा की वकालत करने, अलगाववाद का प्रचार करने और आतंकवाद को वैध बनाने के लिए इसके दुरुपयोग का है.

याद रहे भारत में हिंसा की वकालत और अलगाववाद को बढ़ाया आये दिन सर्कार में मौजूद सांसद और मंत्री देते ही रहते हैं . खुले आम हिन्दू राष्ट्र की बात करने वाले जय श्री राम के नारों के साथ नागरिकों की हत्याएं कर देते हैं . उनको जेल होती है ,, फिर ज़मानत होती है फिर उनका फूलों के हारों से स्वागत होता है . क्या ये सब हिंसा की वकालत और अलगाववाद को बढ़ावा देना जैसा नहीं है ?

इसका मतलब किसी SEPARIST MOVEMENT की हिमायत करना नहीं है बल्कि हिंसा की हिमायत का तुलनात्मक इशारा देना मक़सद है . और हम बिना वजह किसी अलगाववादी मूवमेंट की सख्त मुख़ालफ़त करते हैं . लेकिन ऐसे मूवमेंट शुरू क्यों होते हैं इसकी बुनियाद पर जान भी ज़रूरी है .

ट्रूडो ने क्या कहा था?

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने पत्रकार के एक सवाल के जवाब में कहा था कि वो खालिस्तान समर्थकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं कर सकते. इसके साथ ही कनाडाई पीएम ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार हमेशा आतंकवाद के खिलाफ गंभीर कार्रवाई करती है और हमेशा करेगी. ट्रूडो ने कहा कि कनाडा विविधता वाला देश है. यहां सबको अभिव्यक्ति की आज़ादी है .

ट्रूडो ने भारत के द्वारा कनाडा की धरती पर सिख उग्रवाद होने की बात कहे जाने पर नाराज़गी जताई . ट्रूडो ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान का भी उल्लेख किया और कहा कि ‘कट्टरपंथी, चरमपंथी’ विचारधाराएं ‘न तो हमारे लिए, न उनके लिए और न ही हमारे एक दूसरे के साथ संबंधों के लिए अच्छी हैं.

ट्रूडो का यह बयान 8 जुलाई को आयोजित होने वाली खालिस्तान समर्थकों की रैली के दो दिन पहले आया है. गौरतलब है कि खालिस्तान समर्थकों ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद “किल इंडिया” पोस्टर जारी किया है. पोस्टर पर कनाडा के ओटावा में भारतीय दूतावास के हाई कमिशनर संजीव कुमार वर्मा और टोरंटो में कॉन्सुलेट जनरल अपूर्वा श्रीवास्तव का फोटो लगाया गया था .

आपको बता दें पिछले दिनों खालिस्तानी मुहीम के हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से ही कनाडा में खालिस्तान समर्थकों में गुस्सा है. कनाडा में खालिस्तान के समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं. वहीं सैन फ्रांसिस्को में भारत के वाणिज्यिक दूतावास में आगजनी की घटना भी सामने आई थी . इसके भारत की चिंताओं का बढ़ना स्वाभाविक है .

 

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