जौहर विश्वविद्यालय कौम की अमानत, इसकी सुरक्षा सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी
आजम खान के साथ अन्याय बंद हो, प्रतिशोध की राजनीति से बचे सरकार: तेज लाल भारती

नई दिल्ली, 17 जुलाई 2026। हकीम अजमल ख़ान फोरम फॉर पीस एंड कम्यूनल हार्मनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजवादी नेता तेज लाल भारती तथा महासचिव डॉ. सैयद अहमद ख़ान ने एक संयुक्त बयान जारी कर उत्तर प्रदेश सरकार को उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी का स्मरण कराया है।
उन्होंने कहा कि रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय भले ही आजम खान की वर्षों की मेहनत, संघर्ष और समर्पण का परिणाम हो, लेकिन आज यह पूरी कौम की अमानत है। इसलिए इसकी सुरक्षा और संरक्षण की पूरी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार की है।
उन्होंने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय का अस्तित्व सभी संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद स्थापित हुआ है। यदि किसी स्तर पर कोई कानूनी या प्रशासनिक कमी सामने आती है, तो उसे कानून के अनुसार दूर किया जाना चाहिए, न कि बुलडोजर चलाकर इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान को नुकसान पहुंचाया जाए।
तेज लाल भारती ने कहा कि आजम खान एक कद्दावर राष्ट्रीय नेता और जनसेवक हैं। उनके अनुसार, आजम खान के विरुद्ध ऐसा कोई मामला नहीं है जिसके आधार पर उन्हें इस प्रकार की सजा दी जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खान को जेल में रखना और उनके द्वारा स्थापित संस्थानों को निशाना बनाना वर्तमान प्रदेश सरकार की प्रतिशोधपूर्ण राजनीति का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेदों के आधार पर किसी शैक्षणिक संस्थान को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है।
संयुक्त बयान में उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की गई कि वह राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर जौहर विश्वविद्यालय की सुरक्षा सुनिश्चित करे तथा सभी मामलों का समाधान कानून और संविधान के दायरे में निष्पक्ष रूप से करे।
जारीकर्ता:
डॉ. सैयद अहमद ख़ान
महासचिव
हकीम अजमल ख़ान फोरम फॉर पीस एंड कम्यूनल हार्मनी, नई दिल्ली

