
कौन कौन राम राज की हिमायत करता है , ज़रा हाथ तो उठाओ …..अरे यह तो बहुत थोड़े हाथ उठे हम तो सोचते थे सभी इसके पक्ष में अपने हाथ उठाएंगे , ऐसा क्यों हुआ जी ….अरे साहब यह नेताओं की सभा है अगर रामराज के लिए हाथ उठा दिया तो हमको क्या मिलेगा …सिर्फ घंटा बजाने के लिए ..जो उचित नहीं ज़िंदगी का आधा भाग नेता जी की गणेश परिक्रमा में लगाया है ,,,कपड़ों की ड्राई क्लीनिंग भी तो बहुत मंहगी है ……यह तो जनता के लिए नारा है ..रामराज लाएंगे…मंदिर वहीँ बनाएंगे …इत्यादि ..ओह..यह बात है , तो फिर जनता को क्यों ,मूरख बनाते हो रे ..अरे सम्पादक महोदय यह सियासत है सियासत , आप ना समझो इस खेल को ..आप राम राज के लिए हाथ उठवाके भूखो मरवाओगे क्या…अगर वास्तव में हम राम राज को लागू करें तो त्याग अपने बसकी ना है , बनबास अपनी बसकी ना है ..
अच्छा नेता जी एक बात तो बताओ ? ..क्या कभी त्याग किया? क्या कभी सेव भाव से किसी ग़रीब की मदद की? क्या अपने फ़र्ज़ को ईमानदारी से निभाने का संकल्प लिया ?क्या कभी वोट के लालच बिना रोते को हंसाने का काम किया ? हाहाहा ..आपका जवाब होगा यह तो हम करते ही रहते हैं …वो तो ठीक है लेकिन यह बताओ की जिस शख्स का तुमने काम किया हो और वो तुमको वोट न दे तो क्या भाव पैदा होता है दिल में …बता सकते हो? नेता जी …शायद यही की जिस जिसने वोट नहीं दिया सबको सबक सिखाऊंगा है न…..मगर आप शायद यह न सोचते हों वो कोई और नेता होगा …हाहाहा
चलो ज़रा २ साल पूरे होगये इस पर भी चर्चा करलें,,,,किसके पूरे हुए राम राज के ..नहीं राम राज का नारा लगाने वालों के ..अच्छा…

देश के 15 वें प्रधान मंत्री की हैसियत से देश को स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसे नारे देने वाले मोदी जब आम आदमी पार्टी का चुनाव निशाँ लेकर स्वच्छ भारत के मिशन पर निकले तो देश को लगा की रेवोलुशन आएगा…देश दुनिया के दौरों पर निकले तो लगा विदेश नीति के तहत निवेश आएगा और भारत का GDP ऊपर पहुंचेगा …ऊपर से मतलब आप समझ रहे होंगे…मंहगाई के मुद्दे पर चुनाव लड़ने वाली बीजेपी के दौर में दाल, तिलहन , दूध ,फल , सब्जिओं के रेट कहीं दोगुने और कहीं डेढ़ गुना तक होगये हैं ,
करेंसी की बात करें तो 2014 में डॉलर के मुक़ाबले रूपये की कीमत 59 .26 थी जबकि मई 2016 में 11 % बढ़कर 66 .44 हो गई है ….रुपया, सेंसेक्स ,और रोज़गार लगातार गिरता जा रहा है जिसपर कोई कंट्रोल नहीं है ..दो करोड़ प्रति वर्ष रोज़गार देने वाले मोदी जी 2014 – 2015 में केवल 5 लाख 21 हज़ार रोज़गार तैयार करपाए . ..जबकि 2015 -2016 में सिर्फ 96 हज़ार ही रोज़गार दे पाये ।
अरे नेता जी कहाँ चले थोड़ा सा और मुशायरा है वो भी सुनलें , कोई बात नहीं काम तो आपको बहुत होंगे….स्किल इंडिया का नारा देने वाले मोदी जी क्या यह सच नहीं की कौशल विकास योजना के नाम पर आप 2015 -16 में महज़ 37 .44 लाख कुशल कारीगर ही तैयार कर पाये जबकि कांग्रेस का आंकड़ा इससे लगभग डबल है यानि 2013 -14 में 73 .37 लाख कुशल कारीगर दिए हैं ।

शायद बुरा लग रहा होगा आपको नेता जी मगर क्या करूँ ?सच कहने दो न….थोड़ा और बर्दाश्त करलो २ साल देश की जनता झेल चुकी है २ मिनट और आप भी झेल लो ….2013 – 14 में कांग्रेस ने स्कूलों में शौचालय 36 ,696 बनाए थे और आप 2015 -16 में केवल 12 , 492 शौचालय ही लगा पाये , सबसे घटया और ज़रूरी मोर्चे पर भी विफल ।मगर कोई बात नहीं अभी तो 3 साल और बाक़ी हैं शायद कुछ होसकता है , हालांकि कांग्रेस ने भी जनता की हालत कोई बहुत अच्छी नहीं रखी मगर आप कहाँ लेजा रहे हैं विकास पुरुष .. आप तो विकास के नारे पर आये हैं वो तो जो लूटना था लूट गए आप कितना छोड़ेंगे यह बता दीजिये देश की अकलबन्द sorry अक़लमंद जनता को जो आपको फिर चुनने के लिए तैयार बैठी है …पता नहीं चुनेगी की नहीं जनता है भाई …..सब कुछ जानती है मगर आसाम में तो कमल खिल गया … क्यों नेता जी ठीक है न आसाम में तो कमाल करदिया आपने …नेता जी खुश ।
मगर रुको अभी तो २ साल में कई मुद्दे बाक़ी हैं जो आपने छेड़े …वो तो सुन लो .. आपको पता है न देश का कृषि उत्पादन और उद्योगिक उत्पादन दोनों ही 2 वर्षों में घटे हैं ऐसा बता रहे हैं संजय निरुपम जी जो मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष हैं और सारे आंकड़े वो अपने आर्टिकल में दे चुके हैं आपने भी पढ़े होंगे न ?
अच्छा छोड़ें ये बताये की लव जिहाद की स्टोरी कहाँ तक पहुंची ? और घर वापसी वाले मुद्दे का क्या हाल है ? क्या पुराने होगये या अभी ……..अच्छा बीफ तो महाराष्ट्र में माननीय उच्च न्यायालय ने खुलवा दिया ….मगर भारत माता की जय मुद्दा , सूर्य नमस्कार ,योग पर सीबीएसई द्वारा मार्किंग जैसे ज़ख्म तो अभी हरे हैं sorry मुद्दे तो अभी हरे हैं , UP चुनाव तक साथ देदेंगे?
….मोदी जी आपके भक्तों को शायद यह सच्चाई कड़वी लगरही हो मगर हम चाहते हैं की आप सिर्फ अपने भक्तो के नहीं बल्कि पूरे भारत के चहीते बन जाएँ उसके लिए आप अपने नारे को “सबका विकास सबका साथ ” नारा करलें क्योंकि सबका अगर विकास होगा तो लोग साथ खुद ही आजायेंगे , वैसे भी अब जनता अमल और काम देखती है , कांग्रेस ने बहुत कुछ किया मगर कई महाज़ पर वो फ़ैल रही जिसका भुक्तान लगातार भुगत रही है , जनता कब माफ़ करेगी और अगला मौक़ा कब देगी अभी कहना ज़रा मुश्किल है . मगर आप देश को साम्प्रदायिकता के आधार पर तो नहीं चला सकते और इसका अंदाजा आपको हो जाना चाहिए ।

……अरे नेता जी आप तो सीरियस होगये ….अच्छा छोड़ें ये बताये की लव जिहाद की स्टोरी कहाँ तक पहुंची ? और घर वापसी वाले मुद्दे का क्या हाल है ? क्या पुराने होगये या अभी ……..अच्छा बीफ तो महाराष्ट्र में माननीय उच्च न्यायालय ने खुलवा दिया ….मगर भारत मात की जय वाला मुद्दा , सूर्य नमस्कार ,योग पर सीबीएसई द्वारा दिए जाने वाले marks , जैसे मुद्दे तो अभी हरे हैं , UP चुनाव तक साथ देदेंगे? अच्छा ज़रा प्रधान मंत्री साहब से भी रुजू करलें।
….मोदी जी आपके भक्तों को शायद यह सच्चाई कड़वी लगरही हो मगर हम चाहते हैं की आप सिर्फ अपने भक्तो के नहीं बल्कि पूरे भारत के चहीते बन जाएँ उसके लिए आप अपने नारे को थोड़ा सा ट्विस्ट करा दें जिसके लिए आप तो माहिर हैं “सबका विकास सबका साथ” करदें , जबकि आपका नारा है “सबका साथ सबका विकास ” क्योंकि आपको सबका साथ जबतक नहीं मिल सकता जबतक आप अपनी कथनी और करनी को एक न करलें ।मोदी जी से बिदा लेते हैं ।
अरे नेता जी शायद चले गए , oh यहाँ लेट गए आप …कोई नई लेते रहे मगर यह बताएं की अमित शाह साहब तो मंदिर बनाने का राग अभी भी अलाप रहे हैं सुना है बाबरी मस्जिद और राम जनम भूमि का केस तो अदालत में पड़ा है … मगर कोई नि… सरकार तो अपनी है कुछ भी होसकता है , है ना , मगर देश के दर्जन भर राष्ट्रीय मुद्दे ऐसे हैं जिनको शाह साहब और कई मंत्री हमसे यह कहकर आगे बढ़ जाते हैं की इसपर कोई चर्चा नहीं ये अदालत के ऊपर छोढ़ दें ।
अरे जनाब लाहौर में घुसकर मारने वाले तो लाहौर में बैठकर दावत खा रहे हैं जो अच्छी बात है इससे रिश्ते मज़बूत होते हैं मगर सीमा पर हमारे काफी जवान शहीद होचुके हैं जो अच्छी बात नहीं है ..
नेता जी एक बात तो आप पता करके कम से कम बता दो की व्यापम घोटाले में मध्य प्रदेश के मुख्य मत्री जी का नाम लगभग 50 बार आया है और लगभग 50 बेगुनाहों की जान संदेहास्पद तरीके से इस केस में चली गयी है मगर आजतक cbi ने उनसे कड़ी पूछ गछ क्यों नहीं की ?
देखो नेता जी हम राम राज की हम हिमायत करते हैं ………….मगर खुदा के लिए पहले रावणों को तो ख़त्म करो जो भारत माता के अपहरण के लिए बेताब हैं और लूट मची हुई है कम से कम माता के शरीर को तो ढका रहने दो ,इसकी आबरू से न खेलो भारत माता के लिए बलिदान दो ..अपनी आर्मी को मज़बूत करो …हालांकि अबतो स्यं सेवक संघ की फ़ौज भी लगभग तैयार है लाठी ,डंडा तलवार चलानी तो सीखली है बन्दूक भी चला लेते हैं …और हाँ अब तो दवाओं की फैक्ट्री में तलवारें बन्ने लगी हैं , बाबा लोग भी कई कई लाख की गर्दन उड़ाने की बात करने लगे हैं तो समझ लो अब तो राम राज नहीं आएगा अगर , अगर त्याग तपस्या प्रेम और सद्भाव का राम राज आया तो हम ज़रूर हिमायत करेंगे ….Ali Aadil Khan Editor-in-chief
Nice article.
Beautiful composition.
Thumbs up!
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