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आवाज देकर सवारी बुलाई तो होगा जुर्माना ,प्रदूषण को लेकर बड़े फैसले: डीज़ल जेनरेटरों पर भी पाबंदी

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नई दिल्ली: दिल्ली के जान लेवा प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अब दिल्ली सरकार के न्यायालय ने भी संज्ञान लेकर कई बड़े फैसले सुनाये हैं .सबसे पहले कोर्ट ने दीपावली पर पटाखों की बिक्री पर रोक लगाई थी,हालांकि इसके बाद पटाखा विक्रेता और उत्पादकों ने ऐतराज़ जताया किन्तु सेहत को कारोबार पर तरजीह देते हुए कोर्ट ने ये फैसले लिए . अब डीज़ल जेनरेटरों पर बह मार्च 2018 तक केलिए रोक लगाई गयी है इसके अलावा राज्य सरकार ने ध्वनि प्रदूषण के लिए कई नियम लागू किए गए हैं.

बढ़ते प्रदूषण को लेकर सरकार से एजेंसी तक सब हरकत में हैं. दिल्ली सरकार ने ध्वनि प्रदूषण पर जुर्माना लगाया है. बदरपुर पावर प्लांट भी बंद किया गया है. वहीं जल्द ही, दिल्ली के 17 इलाकों की जगह 37 इलाकों का प्रदूषण स्तर ऑनलाइन होगा.

बस का हार्न अगर बजा तो जेब से ड्राइवर के 500 रुपए गए. याद रहे बस अड्डों पर काफी ध्वनि प्रदूषण है ,अंतर्राज्यीय बस अड्डों में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को लेकर दिल्ली सरकार ने आदेश जारी किया है कि कैंपस के अंदर हार्न बजाने पर 500 और अगर कंडक्टर ने आवाज लगाकर सवारी बुलाई तो 100 रुपया जुर्माना भरना पड़ेगा.

बता दें कि दिल्ली में प्रदूषण का प्रकोप लगातार भ्यावे रूप धारण करता जारहा है . दिल्ली सरकार ने इस गंभीर समस्या पर ध्यान देते हुए सबसे पहले वाहनों की संख्या कम करने के लिए ऑड-इवन सिस्टम लागू किया था, लेकिन यह फार्मूला पूरी तरह से काम नहीं कर पाया. इसके बाद राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में दस साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहनों पर बंदिश लगाई. हालांकि इन फैसलों के नतीजे कंट्रोलिंग एजेंसीज में करप्शन के चलते नहीं आ पाए .

याद रहे पिछले साल दीपावली पर आतिशबाजी और दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में धान की पराली जलाने से दिल्ली में प्रदूषण के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे . कई दिनों तक आसमान में धुएं की धुंध छाई रही. पिछले अनुभव को देखते हुए इस बार सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा कदम उठाते हुए दीपावली पर पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है . दिवाली के पटाखों बमों के बाद अब जेनरेटर और ध्वनि प्रदूषण को लेकर दिल्ली सर्कार और कोर्ट द्वारा उठाए गए कदम निश्चित ही दिल्लीवासियों को राहत की सांस प्रदान करेंगे.

हालांकि इन सब क़ानूनों के पालन और नतीजे आने के लिए जनता का शिक्षित और जागरूक होना ज़रूरी है , साथ ही इम्प्लिमेंटिंग एजेंसीज का देश और जनता के प्रति वफादार होना और भ्रष्टाचार मुक्त होना बेहद ज़रूरी है .टॉप ब्यूरो

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