ओम प्रकाश राजभर ने सोमवार को एक्स पर पोस्ट कर अखिलेश यादव को निशाने पर लिया। उन्होंने लिखा, ‘अखिलेश, सुना है आपने अपनी पार्टी की कन्नौज जिला इकाई को भंग कर दिया है। महाराज, उनकी क्या गलती थी? जब आप खुद ही एसी, पीसी और ट्विटर की दुनिया से बाहर नहीं निकलेंगे तो जिला वाले बेचारे क्या करेंगे?’ राजभर ने आगे तंज कसते हुए कहा कि जिस कन्नौज की जनता को अखिलेश यादव खानदानी विरासत समझकर ‘खयाली गढ़’ बनाए हुए थे, वहीं पर उनकी हैसियत का पता चल गई और कुर्सियां खाली रह गईं।
ओम प्रकाश राजभर ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव और चाचा शिवपाल सिंह यादव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने खून-पसीना बहाकर कन्नौज को सपा का गढ़ बनाया था। इसके बाद उन्होंने अखिलेश यादव को अपने समय में पार्टी की स्थिति देखने की नसीहत दी। राजभर ने दावा किया कि प्रदेश का गैर यादव पिछड़ा और बहुजन समाज अखिलेश यादव को पूरी तरह खारिज कर चुका है।
कन्नौज में सपा की जिला इकाई भंग किए जाने का घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब राजनीतिक दल 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। राजभर ने इसी मुद्दे को आधार बनाकर सपा के संगठन और नेतृत्व पर सवाल उठाए। हालांकि, जिला इकाई भंग किए जाने के पीछे पार्टी की ओर से बताई गई वजह और राजभर के राजनीतिक आरोप अलग-अलग विषय हैं।
अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए राजभर ने साइकिल के प्रतीक का भी उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि साइकिल चलाने वाले असली नेता जा चुके हैं और अखिलेश यादव अपने पिता व चाचा की साइकिल का हैंडल सही तरीके से नहीं संभाल पाए। उन्होंने आगे तंज कसा कि ‘आपके लोडर भी समझ चुके हैं कि साइकिल का चेन टूट गया है, अब रिम टेढ़ा होने वाला है। टायर बस फटने ही वाला है।’
राजभर ने अपने पोस्ट के अंत में लिखा कि, ‘ऐसे ही मैंने नहीं कहा था कि सत्ताईस में सपा साफ है!’ उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सपा नेतृत्व पर किए गए राजनीतिक हमले के रूप में देखा जा रहा है।

