प्रयागराज, 24 अक्टूबर । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हेडमास्टर का चार्ज दूसरे शिक्षक को सौंपे जाने के मामले में गंभीर वित्तीय अनियमितता के आरोपों को देखते हुए एसटीएफ को व्यापक जांच का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने यह आदेश राजेश कुमार की याचिका पर दिया है। याची की दलील थी कि ग्रांट जारी होने के बाद गलत तरीके से उसका चार्ज छीन लिया गया और उसे भवन निर्माण पर प्रस्तावित खर्च का ब्योरा देने का मौका तक नहीं दिया गया।
सरकारी वकील ने कहा याची पर सरकारी फंड के दुरुपयोग और गबन के गंभीर आरोप लगे हैं। इसे देखते हुए कोर्ट ने कहा आरोपों की गंभीरता को देखते हुए मामले की गहन जांच जरूरी है।
कोर्ट ने एस पी ,एस टी एफ कौशाम्बी को निर्देश दिया कि वे आरोपों की व्यापक जांच करें और यह पता लगाएं कि क्या रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से सरकारी धन के गबन/दुरुपयोग के संबंध में किसी संज्ञेय अपराध का खुलासा होता है और यदि हां तो इसमें शामिल व्यक्तियों की पहचान करें।
जांच के निष्कर्षों और कानून के अनुसार की गई या प्रस्तावित कार्रवाई की रिपोर्ट अगली नियत तिथि तक कोर्ट के समक्ष पेश की जाए। याचिका की अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 को होगी।

