प्रयागराज, 07 नवंबर । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अरुण प्रताप सिंह परमार बनाम सुरेंद्र तिवारी सचिव बेसिक शिक्षा परिषद व अन्य के खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका में कहा है कि अभिलेखों से प्रथम दृष्टया प्रतिवादियों द्वारा आदेश की जानबूझकर अवहेलना स्पष्ट है।
न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की पीठ के समक्ष राज्य के अधिवक्ता ने बेसिक शिक्षा सचिव के निर्देश पढ़ते हुए कहा कि 69000 सहायक अध्यापक भर्ती से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, जो 18 नवंबर को सूचीबद्ध है। इसलिए अंतिम सूची तैयार नहीं की जा सकती।
याची के अधिवक्ता ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने बताया कि लखनऊ पीठ की एक अवमानना कार्यवाही में सुप्रीम कोर्ट से नोटिस मिलते ही विभाग ने 7 मई 2026 को एक याची को नियुक्ति दे दी थी। उनका आरोप था कि विभाग चुनिंदा तरीके से कार्य कर रहा है। कोर्ट ने प्रतिवादियों को अनुकूल आदेश प्रस्तुत करने या अगली तिथि पर व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने का निर्देश दिया, ताकि अवमानना कार्यवाही शुरू की जा सके। मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर 202

