जौनपुर, 03 नवंबर । उत्तर प्रदेश के जौनपुर में पॉक्सो एक्ट के एक मामले में अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम उमेश कुमार द्वितीय की अदालत ने मंगलवार को दुष्कर्म के दोषी किशोर अपचारी को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की पूरी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है।
अभियोजन के अनुसार, घटना 19 मई 2023 की है। चंदवक थाना क्षेत्र की रहने वाली किशोरी ने स्वयं थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि घटना के दिन दोपहर करीब तीन बजे वह घर में अकेली सो रही थी। इसी दौरान गांव का किशोर घर में घुस आया और उसका मुंह दबाकर अंदर कमरे में ले गया। वहां उसके साथ दुराचार करने के बाद फरार हो गया।
पीड़िता की मां के घर लौटने पर उसने पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद पीड़िता अपने माता-पिता के साथ थाने पहुंची और मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराने के साथ ही मजिस्ट्रेट के समक्ष उसका बयान दर्ज कराया। मामले में सरकारी अधिवक्ता राजेश उपाध्याय और कमलेश राय ने अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों को परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने किशोर अपचारी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
अदालत ने अपने आदेश में अपराध की प्रकृति, समाज पर उसके प्रभाव, घटना की परिस्थितियों, पीड़िता पर पड़े सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक प्रभाव, घटना के समय पीड़िता की आयु तथा दोषसिद्धि के समय किशोर अपचारी की आयु और मानसिक परिपक्वता जैसे पहलुओं पर विचार करने के बाद सजा को न्यायोचित बताया।

