बिजनौर, 2 सितम्बर । बिजनौर गंगा बैराज के तटबंध और गलखा देवी मंदिर के पास कराए गए बाढ़ एवं कटानरोधी कार्यों को लेकर पूर्व भाजपा सांसद एवं पूर्व सिंचाई राज्यमंत्री भारतेंद्र सिंह ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में तटबंध की स्थिति और कार्यों की गुणवत्ता पर चिंता जताते हुए खर्च की गई धनराशि का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है।
पूर्व सांसद का कहना है कि बाढ़ और कटान से बचाव के लिए 150 करोड़ धनराशि खर्च होने के बावजूद तटबंध और गलखा देवी मंदिर के आसपास कटान की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने तटबंध पर लगाई गई सुरक्षा चादरों के क्षतिग्रस्त होने तथा रेत बाहर आने का भी दावा किया। उनका कहना है कि यदि सरकार ने धनराशि उपलब्ध कराई है तो उसके खर्च और कार्य की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन व संबंधित जनप्रतिनिधियों को जवाब देना चाहिए। उन्होंने चांदपुर क्षेत्र के जलीलपुर में भी बंधे के निर्माण की मांग को लेकर 13 दिनों से ग्रामीणों द्वारा दिये जा रहे धरनें व गाँव अगरी में छोईया में मिल द्वारा छोड़े जा रहे गंदे पानी के कारण ग्रामीणों के गम्भीर बीमारियों का शिकार होने पर चिंता व्यक्त करते हुए व्यवस्था पर सवाल खड़े किये | उनका कहना था कि जनप्रतिनिधि जागरूक हों तो समस्याओं का भी निराकरण सम्भव है |
वहीं, जिलाधिकारी जसजीत कौर ने पूर्व सांसद के दावों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि रावली तटबंध की सुरक्षा के लिए 96 करोड़ रुपये के प्रस्ताव भेजे गए थे। इनमें से संवेदनशील हिस्से के लिए 46 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए, जिनसे कार्य कराया जा चुका है। शेष कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। जिलाधिकारी ने तटबंध को पूरी तरह सुरक्षित बताया है |
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता कर्ण पाल सिहं के अनुसार भी अब तक करीब 46 करोड़ रुपये के कार्य कराए गए हैं। विभाग ने पूर्व सांसद द्वारा बताए गए करीब 150 करोड़ रुपये खर्च होने के दावे से असहमति जताई है और पूरे मामले में वास्तविक आंकड़े सामने रखने की बात कही है।

