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विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप से नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच : तृप्ति मुर्गुंडे

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नई दिल्ली, 13 अगस्त । भारत की पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी तृप्ति मुर्गुंडे का मानना है कि 17 साल बाद देश में विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप की वापसी भारतीय खेलों की पिछले एक दशक में हुई शानदार प्रगति को दर्शाती है। उनका कहना है कि दिल्ली में होने वाली यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता नई पीढ़ी के भारतीय खिलाड़ियों को नई ऊर्जा और आत्मविश्वास देगी।

बीएडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप 2026 का आयोजन 17 अगस्त से नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में होगा। भारत दूसरी बार इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले 2009 में हैदराबाद में विश्व चैंपियनशिप आयोजित हुई थी। मुर्गुंडे ने 17 साल पहले हैदराबाद में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

मुर्गुंडे ने साई मीडिया से कहा, “यह सभी भारतीय खेलों से जुड़े लोगों के लिए बेहद गर्व का क्षण है कि 17 साल बाद हमें फिर से इसकी मेजबानी मिली है। खासकर पिछले 8 से 10 वर्षों में भारतीय खेलों ने शानदार प्रदर्शन किया है। हमने विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतरीन परिणाम देखे हैं और साथ ही इस तरह के कई अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी भी मिली है। इस समय यह बेहद महत्वपूर्ण और जरूरी है।”

उन्होंने कहा कि विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं की भारत में लगातार मेजबानी का असर केवल बैडमिंटन तक सीमित नहीं है बल्कि इससे पूरे खेल तंत्र को मजबूती मिलती है। “हमने माननीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया को भी यह कहते सुना है कि हम सभी खेलों में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को भारत में आयोजित करने के लिए कितने उत्सुक हैं।”

2009 की विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुकीं मुर्गुंडे का मानना है कि घरेलू मैदान पर विश्व चैंपियनशिप खेलना मौजूदा भारतीय खिलाड़ियों, खासकर युवा खिलाड़ियों के लिए शानदार अवसर है।

उन्होंने कहा, “उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए यह सबसे अच्छा मंच है। उन्हें अपने घरेलू मैदान पर अपनी प्रतिभा और प्रदर्शन दिखाने का शानदार अवसर मिल रहा है।”

मुर्गुंडे ने घरेलू दर्शकों के समर्थन के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “जब आप अपने घरेलू मैदान पर खेलते हैं तो माहौल बिल्कुल अलग होता है। हमने देखा है कि जब भारत ओपन या भारत में कोई अन्य बड़ी प्रतियोगिता होती है तो इससे हमेशा बड़ा फर्क पड़ता है।”

उन्होंने आगे कहा, “युवा खिलाड़ियों के लिए अपने देश में इस तरह की प्रतियोगिताएं ज्यादा से ज्यादा आयोजित होना बहुत आसान और बेहतर होता है। इसका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है।”

2006 राष्ट्रमंडल खेलों की पदक विजेता मुर्गुंडे के मुताबिक, दिल्ली में होने वाली विश्व चैंपियनशिप भारतीय बैडमिंटन की नई पीढ़ी के लिए अनुभव, आत्मविश्वास और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकती है।

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