कानपुर, 17 अगस्त । सावन के तीसरे सोमवार के साथ नागपंचमी का पर्व पड़ने से सोमवार को शहर के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी रही। रविवार रात से ही मंदिरों की ओर भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। सोमवार तड़के पूजा-अर्चना शुरू होते ही मंदिर परिसरों और उनके आसपास लोगों की आवाजाही बढ़ गई। श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते हुए भगवान शिव के दर्शन और अभिषेक के लिए कतारबद्ध रहे।
परमट के श्री आनंदेश्वर महादेव, जाजमऊ के सिद्धनाथ महादेव, नवाबगंज के जागेश्वर महादेव, शिवराजपुर के खेरेश्वर महादेव, बिठूर के वनखंडेश्वर महादेव और शिवाला स्थित प्रयाग नारायण शिवालय समेत शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से भक्तों की भीड़ रही। अलग-अलग स्थानों पर मंदिर प्रबंधनों ने श्रद्धालुओं के आवागमन को सुचारु रखने के लिए व्यवस्थाएं कीं।
विशेष संयोग के चलते कई मंदिरों में रात से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। परमट स्थित मंदिर में रविवार रात करीब 12 बजे से दर्शन की प्रतीक्षा में लोगों की कतार बननी शुरू हो गई। सोमवार भोर में मंगला आरती के बाद मंदिरों में पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हुआ। सुबह छह बजे तक यहां करीब 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन करने की जानकारी सामने आई। इसी तरह अन्य शिवालयों में भी तड़के से ही भक्तों की आवाजाही बनी रही।
भक्तों ने अपनी श्रद्धानुसार भगवान शिव का पूजन किया और जल, दूध, बेलपत्र, पुष्प तथा अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। नागपंचमी के पर्व के कारण शिवालयों में धार्मिक गतिविधियां और बढ़ गईं। कई स्थानों पर श्रद्धालु भजन-कीर्तन और शिव स्तुति करते नजर आए। मंदिरों के बाहर पूजा सामग्री और प्रसाद की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ रही।
सिद्धनाथ महादेव मंदिर के पुजारी मन्नी लाल ने बताया कि सावन के तीसरे सोमवार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे हैं। इसके अलावा पुलिस प्रशासन की ओर से भरपूर सहयोग भी मिल रहा है।
श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिरों के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई। स्थानीय पुलिस के अलावा महिला पुलिसकर्मियों और यातायात पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। भीड़ वाले स्थानों पर लोगों के आवागमन को व्यवस्थित करने के साथ वाहनों की आवाजाही पर भी नजर रखी गई। मंदिर परिसरों और आसपास के प्रमुख हिस्सों में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाती रही।
गंगा किनारे स्थित मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए घाटों पर भी सतर्कता बरती गई। जल पुलिस और गोताखोरों को तैनात रखा गया, ताकि किसी आकस्मिक स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। पुलिस और प्रशासन की टीमें मंदिरों के आसपास की स्थिति पर लगातार नजर रखती रहीं।
सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के एक साथ होने से शहर के शिवालयों में पूरे दिन धार्मिक माहौल बना है। सुबह से शुरू हुई श्रद्धालुओं की आवाजाही देर तक जारी रही और प्रमुख मंदिरों में हर आयु वर्ग के लोग भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते रहे।

