नई दिल्ली, 13 अगस्त । रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया को रेलवे के ‘वार रूम’ की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। इस दौरान मंत्रियों ने लाइव स्टेशन फीड, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित प्रणालियों और परिचालन संबंधी आंकड़ों के जरिए रेलवे गतिविधियों की निगरानी की व्यवस्था को देखा।
रेल मंत्री ने बताया कि ‘वार रूम’ से रेलवे स्टेशनों की लाइव फीड देखी जा सकती है। इसमें प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज और स्टेशन के बाहर के क्षेत्रों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकती है। नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन जैसे प्रमुख स्टेशनों की लाइव फीड एक केंद्रीय स्थान से मॉनिटर की जा सकती है।
प्रणाली में अधिकारियों को किसी विशेष स्थान की स्थिति का बारीकी से जायजा लेने के लिए अलग-अलग कैमरा फीड को जूम करने की सुविधा भी उपलब्ध है। एआई आधारित प्रणाली निर्धारित संकेतों के आधार पर जानकारी उपलब्ध करा सकती है कि किसी विशेष स्थान पर क्या हुआ। इससे अधिकारियों को किसी घटना को तेजी से समझने और उसके अनुसार कार्रवाई करने में मदद मिलती है।
रेलवे के ‘वार रूम’ का इस्तेमाल भीड़भाड़ वाले समय, त्योहारों और अधिक यात्री आवागमन वाले अवसरों पर विभिन्न स्टेशनों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जा सकता है। इससे यात्रियों की संख्या और उनके आवागमन में होने वाले बदलावों की निगरानी में मदद मिलती है।
यह प्रणाली ट्रेनों की आवाजाही और उनके विलंब की भी निगरानी करती है। अधिकारी यह पता लगा सकते हैं कि कौन-सी ट्रेन देरी से चल रही है और देरी का कारण क्या है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर रेलवे की टीमें स्थिति का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई कर सकती हैं, ताकि देरी को आगे बढ़ने से रोका जा सके।
दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने रेलवे के ‘वार रूम’ में लाइव स्टेशन फीड, एआई आधारित विश्लेषण और ट्रेन परिचालन संबंधी आंकड़ों के माध्यम से रेलवे परिचालन की निगरानी की पूरी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।

