उदयपुर, 19 सितंबर । झीलों की नगरी उदयपुर के सूरजपोल थाना क्षेत्र स्थित इंदिरा नगर बीड़ा के पीपलेश्वर महादेव मंदिर में असामाजिक तत्वों द्वारा शिवलिंग और प्रतिमाएं खंडित किए जाने की घटना के बाद शनिवार को शहर में भारी जनआक्रोश फूट पड़ा। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने देहलीगेट चौराहे पर एकत्र होकर चक्काजाम कर दिया तथा विरोध स्वरूप बापू बाजार और नाड़ाखाड़ा इलाके के व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद करवा दिए।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी फिरोज (मूल निवासी सलूम्बर) को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के हाथ-पैर में चोट पाई गई है। उधर, नगर निगम ने त्वरित एक्शन लेते हुए सवीना स्थित उसके किराये के मकान पर अवैध निर्माण का नोटिस चस्पां किया है।
शनिवार सुबह मंदिर में तोड़फोड़ की खबर फैलते ही सैकड़ों लोग देहलीगेट चौराहे पर एकत्र हो गए और चारों तरफ से आवागमन बंद कर दिया। प्रदर्शनकारी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और उनके अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने की मांग पर अड़ गए। माहौल बिगड़ता देख भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस उपाधीक्षक छवि ने प्रदर्शनकारियों से समझाइश करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी फिरोज को शुक्रवार रात को ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
प्रशासनिक कार्रवाई के तहत उदयपुर नगर निगम ने आरोपी फिरोज के किशनपोल, गोसिया कॉलोनी (सवीना) स्थित निवास पर राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 194/245 के तहत नोटिस चस्पां किया है। नोटिस में कहा गया है कि बिना स्वीकृति के भूतल व प्रथम मंजिल का निर्माण किया गया है। निगम ने 15 दिवस के भीतर स्वामित्व दस्तावेज व स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, अन्यथा अवैध निर्माण ध्वस्त करने की चेतावनी दी है। हालांकि, आरोपी के किरायेदार होने के कारण मकान मालिक की चिंता बढ़ गई है।
शहर में उपजे तनाव को देखते हुए मुस्लिम समाज की प्रतिनिधि संस्था ‘अंजुमन तालीमुल इस्लाम’ के सदर मुख्तार अहमद कुरेशी और सेक्रेट्री वकील मुस्तफा शेख ने संयुक्त बयान जारी कर घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी पूजा-स्थल या धार्मिक भावना को ठेस पहुँचाना निंदनीय व गैर-कानूनी कृत्य है। किसी एक व्यक्ति की गैर-जिम्मेदाराना हरकत के लिए पूरे समाज को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। संस्था ने शहरवासियों से अफवाहों पर ध्यान न देने, कानून हाथ में न लेने और उदयपुर की गंगा-जमुनी तहजीब व आपसी सौहार्द को बनाए रखने की भावुक अपील की है।

