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पाकिस्तान सऊदी अरब को “हर हद तक” बचाने के लिए…

पाकिस्तान सऊदी अरब को “हर हद तक”

पाकिस्तान सऊदी अरब को “हर हद तक” सुरक्षा पहुंचाएगा

पाकिस्तान की सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकल्प जताया है कि उनका देश सऊदी अरब को किसी भी आक्रामकता से “हर हद तक” बचाने के लिए उसकी रक्षा करेगा।

पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने गुरुवार को सऊदी अख़बार अरब न्यूज़ से बातचीत में कहा कि इस्लामाबाद कूटनीतिक और सैन्य दोनों स्तरों पर सऊदी अरब के साथ खड़ा है।

यह संकल्प ऐसे समय में सामने आया है, जब पाकिस्तान और तुर्किये के रुख को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दोनों देशों ने हाल ही में रियाद के साथ रक्षा समझौते किए हैं, जबकि यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर अपने हमले तेज कर दिए हैं।

चौधरी ने कहा, “मैं यहां ‘शारीरिक रूप से’ यानी प्रत्यक्ष सैन्य मौजूदगी वाले शब्द पर जोर देना चाहूंगा। हम किसी भी हद तक जाएंगे।” 

हूथियों सऊदी अरब के यांबू पर बोलै हमला

उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी सैनिक पहले से ही सऊदी अरब और इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों मक्का और मदीना की सुरक्षा के लिए वहां तैनात हैं।

उन्होंने कहा, “हम उनकी सुरक्षा के लिए वहां मौजूद हैं और सऊदी नेतृत्व तथा सऊदी अरब की जनता की आवश्यकता के अनुसार आगे भी किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं।”

हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या रियाद ने पाकिस्तान से अतिरिक्त सैनिक भेजने या हूतियों के खिलाफ सीधे सैन्य कार्रवाई में शामिल होने का अनुरोध किया है।

रियाद और इस्लामाबाद के बीच सितंबर 2025 में हस्ताक्षरित रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते (Strategic Mutual Defence Agreement) में कहा गया है कि दोनों में से किसी एक देश के खिलाफ किया गया आक्रमण दोनों देशों पर हमला माना जाएगा।

इसी द्विपक्षीय रक्षा समझौते का हवाला देते हुए पाकिस्तान ने अप्रैल 2026 में लड़ाकू और सहायक विमान सऊदी अरब के किंग अब्दुलअज़ीज़ एयर बेस पर तैनात किए थे। यह तैनाती उस समय की गई, जब ईरान और उसके सहयोगियों के हमलों का सऊदी अरब सामना कर रहा था।

सितंबर 2026 में हूतियों ने सऊदी अरब के यानबू और खमीस मुशैत जैसे इलाकों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाने का दावा किया है। 16 सितंबर को मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को सऊदी एयर डिफेंस द्वारा नष्ट किए जाने की भी रिपोर्ट आई। inputs from al jazeera

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