जयपुर, 10 सितंबर । राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन रानीरोना’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब एक हजार किलोमीटर दूर दमन से 25 हजार रुपए के इनामी एमडी तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपित रामनिवास उर्फ रामू विश्नोई (32) नागौर क्षेत्र में एमडी (मेफेड्रोन) सप्लाई का मुख्य सरगना बताया गया है। यह एएनटीएफ की 93वीं बड़ी कार्रवाई है।
एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने बताया कि आरोपित रामनिवास निवासी जायल जिला जिला नागौर है। चूरू पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।
पुलिस के अनुसार रामनिवास ने वर्ष 2011 में गांव से 12वीं पास करने के बाद मुंबई की कूरियर कंपनी में नौकरी की। हाईप्रोफाइल सोसायटियों के संपर्क में आने के बाद वह एमडी के नशे का आदी हुआ और फिर इसकी सप्लाई करने लगा। वह मुंबई से करीब 8 लाख रुपए प्रति किलो में एमडी खरीदकर नागौर व आसपास के फिक्स ग्राहकों को करीब 10 लाख रुपये प्रति किलो तक बेचता था। महीने में दो चक्कर लगाकर उसे करीब 2 लाख रुपये प्रति किलो मुनाफा होता था।
तस्करी से कमाई रकम से उसने नागौर में बड़ा मकान बनवाया, लग्जरी कारें खरीदीं और पत्नी के लिए सोने-चांदी के आभूषण खरीदे। नागौर पुलिस ने एएनटीएफ के सहयोग से एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत उसके निर्माणाधीन अवैध मकान को ध्वस्त किया था। तस्करी में इस्तेमाल उसकी दो कारें भी जब्त/सीज की जा चुकी हैं।
पुलिस के अनुसार रामनिवास रक्षाबंधन पर जयपुर की नशा पार्टियों में खपाने के लिए भेजी जा रही एमडी की बड़ी खेप का मुख्य सूत्रधार था। 27 अगस्त 2026 को एएनटीएफ और पुलिस ने जायल के दुगौली गांव में नाकाबंदी कर कार को रोका। कार से आरोपित के साथी तस्कर का नाबालिग भतीजा पकड़ा गया और 5.400 किलो एमडी बरामद हुई।
रामनिवास दूसरी कार से एमडी से भरी कार को एस्कॉर्ट कर रहा था। नाकाबंदी देखकर वह कार भगाकर फरार हो गया। इस संबंध में थाना जायल में प्रकरण दर्ज किया गया। इससे पहले रतनगढ़ पुलिस ने आरोपित के स्थायी ग्राहक नरसीराम सहित चार लोगों को एमडी के साथ पकड़ा था। इसके बाद से रामनिवास फरार चल रहा था।
पुलिस से बचने के लिए रामनिवास नागौर के जंगलों में छिपा। इसके बाद जयपुर के मुहाना मंडी स्थित अर्बन ज्वैल्स के फ्लैट में करीब 10 महीने तक रहा। जायल नाकाबंदी से भागने के बाद वह मनाली, अंबाला और आगरा होते हुए 3 सितंबर 2026 को दमन पहुंचा और मामा के किराए के कमरे में छिपकर रहने लगा।
एएनटीएफ टीम ने लगातार उसका पीछा किया और कई रातों के रेल सफर के बाद दमन पहुंची। टीम ने तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र की मदद से उसके मामा के कमरे का पता लगाया और दबिश देकर रामनिवास को गिरफ्तार कर लिया।
आईजी विकास कुमार ने बताया कि कार्रवाई को अंजाम देने वाली एएनटीएफ टीम को मुख्यालय में विशेष समारोह आयोजित कर सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।

