प्रधानमंत्री ने आज चेन्नई स्थित जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय मैट्रिकुलेशन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लिया और वहां उपस्थित लोगों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं से खेल, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “आज का युवा विकसित भारत की ताकत बनना चाहता है। विकसित भारत के लिए जो नए विचार चाहिए, जो नए समाधान चाहिए, हमारा भारत ही नहीं, विश्व का भविष्य भी तय होगा। आज भारत में जो अनंत अवसर हैं, मैं चाहता हूं कि हर युवा अपने भविष्य को उतने ही बड़े कैनवॉश पर देखे। क्योंकि यह आपका समय है, यह आपका अवसर है। ये मुझे पूरा विश्वास है कि हमारा ये सपना पूरा रहेगा।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में खेलों के लिए नई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सहयोग मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय खेलों में भारत की स्थिति मजबूत हो रही है। भारत वर्ष 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही देश वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी का सपना लेकर भी आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश के युवा खेलों की दुनिया में भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
विश्व हिंदू विद्या केंद्र की स्थापना के 50 वर्ष पर मोदी ने विद्यालय के भवन निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले जयगोपाल गरोड़िया को याद किया। उन्होंने विद्यालय की यात्रा को सफल बनाने वाले शिक्षकों, कर्मचारियों, अभिभावकों और पूर्व विद्यार्थियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह संस्थान शिक्षा के साथ राष्ट्रभक्त नागरिकों के निर्माण का भी उदाहरण है।
प्रधानमंत्री ने गिरिजा अम्मा की पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने बच्चों को प्रतिदिन एक रुपये बचाकर देश के सैनिकों को समर्पित करने का विचार दिया था। हजारों बच्चों के इस अभियान से जुड़ने पर लगभग 40 लाख रुपये जुटाए गए। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे योगदान भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। जरूरतमंदों की सहायता और स्वच्छता अभियानों में भागीदारी जैसे सेवा के मूल्य विद्यालय की समृद्ध परंपरा का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से देश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। भारतीय शिक्षण संस्थानों की वैश्विक पहचान भी मजबूत हुई है। वर्ष 2015 की क्यूएस रैंकिंग में भारत के 14 विश्वविद्यालय शामिल थे, जबकि नवीनतम रैंकिंग में यह संख्या बढ़कर 52 हो गई है। इससे विद्यार्थियों के लिए विकल्प और अवसर बढ़े हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 में देश में लगभग 750 विश्वविद्यालय थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 1,300 से अधिक हो गई है। इसी अवधि में कॉलेजों की संख्या लगभग 38 हजार से बढ़कर 52 हजार से अधिक हो गई है। बीते वर्षों में देश में कई भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भारतीय प्रबंधन संस्थान, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान स्थापित किए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने युवाओं से देश की विविधता को करीब से जानने और तमिल भाषा तथा संस्कृति को आगे बढ़ाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करनी चाहिए, तमिल कविता, कहानियों और परंपराओं को दूसरों के साथ साझा करना चाहिए तथा अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों से मित्रता करनी चाहिए। ऐसी मित्रता राष्ट्रीय एकता को मजबूत करती है।
उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी संस्करण भेंट करने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह ग्रंथ जीवनभर सीखते रहने की प्रेरणा देता है। तिरुवल्लुवर ने अपनी एक प्रसिद्ध रचना के माध्यम से सिखाया है कि केवल नया ज्ञान प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे व्यवहार में उतारना भी जरूरी है।
उल्लेखनीय है कि जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय मैट्रिकुलेशन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की स्वर्ण जयंती शिक्षा के क्षेत्र में संस्थान के पांच दशकों के योगदान तथा शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन, सांस्कृतिक मूल्यों और सर्वांगीण शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों की पीढ़ियों को तैयार करने में इसकी भूमिका का प्रतीक है। अपने आदर्श वाक्य “सा विद्या या विमुक्तये” (ज्ञान जो मुक्ति दिलाता है) से प्रेरित यह विद्यालय ऐसे विद्यार्थियों को तैयार करने का प्रयास करता है, जो समाज में सार्थक योगदान दें। समय के साथ, संस्थान ने बदलती शैक्षिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को ढाला है। साथ ही, यह चरित्र निर्माण, ज्ञान और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों पर निरंतर जोर देता रहा है।

