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Gujrat Election: मैं देश विरोधी पार्टी का साथ नहीं दे सकता : AAP प्रत्याशी

कंचन जरीवाला ने दिया बयान , स्वेच्छा से लिया है नामांकन वापस , देश विरोधी पार्टी का नहीं दे सकता साथ

AAP ने लगाया था अपहरण का आरोप , दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उम्मीदवार कंचन जरीवाला के नामांकन को वापस लेने के मामले में केंद्रीय चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी

गुजरात: नदीम अहमद // गुजरात विधानसभा चुनाव में ‘आप’ के उम्मीदवार कंचन जरीवाला ने एक बयान जारी किया और कहा कि मैंने स्वेच्छा से अपना नामांकन वापस लिया है. आप ने बीजेपी पर जरीवाला के अपहरण का आरोप लगाया था.

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सूरत पूर्व से पार्टी के उम्मीदवार कंचन जरीवाला के नामांकन को वापस लेने के मामले में केंद्रीय चुनाव आयोग को चिट्ठी भी लिखी है.

सिसोदिया ने कहा कि जिस तरह से कंचन जारीवाल के नामांकन को रद्द कराया गया है, वो खुले तौर से पुलिस मशीनरी का दुरुपयोग ही नहीं बल्कि फ़ेयर चुनाव की भावना के भी खिलाफ है.

कंचन जरीवाला ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान लोगों ने मुझसे कहा कि मैं देश विरोधी और गुजरात विरोधी पार्टी का उम्मीदवार क्यों बन गया हूं? फिर मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी और बिना किसी दबाव के पर्चा वापस ले लिया. उन्होंने कहा कि मैं देश विरोधी और गुजरात विरोधी पार्टी का साथ नहीं दे सकता.

चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी में आप ने BJP की शिकायत की और कहा कि BJP जब कंचन जरीवाला का नामांकन रद्द नहीं करा पाई तो उन्होंने कंचन जरीवाला और उनके परिवार को धमकी दी. अब बीजेपी इस मामले में पुलिस के साथ मिलकर कंचन को नॉमिनेशन सेंटर लेकर आए और उनका नामांकन रद्द करवा दिया .

मनीष सिसोदिया ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया कि वो इस मामले का संज्ञान लें और जांच के आदेश दें. इस मामले की जांच इसलिए भी होनी चाहिए क्योंकि कंचन जारीवाल ने अपना नामांकन डर और धमकी के चलते वापस लिया है.

       
आपको बता दें कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने BJP पर कंचन जरीवाला के अपहरण का आरोप लगाया था. अब जरीवाला के बयान के बाद मनीष सिसोदिया ने कहा ‘ अभी-अभी 500 पुलिस वाले उनको घेर कर RO के दफ्तर लेकर आए हैं.

जबरदस्ती उनसे अपना नामांकन वापस करवाया जा रहा है. मनीष ने बताया पुलिस प्रोटेक्शन में कंचन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वह अपना नामांकन वापस ले ले. मैं चुनाव आयोग से कहना चाहता हूं यह सरेआम दिनदहाड़े लोकतंत्र की लूट हो रही है.’

देश के 2 राज्यों में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद सत्तारूढ़ पार्टी AAP अगर गुजरात चुनाव में बीजेपी की पुलिसिया कार्रवाई के बाद इसको लोकतंत्र की लूट बता रहे हैं तो इसको गंभीरता से लेना होगा . हालाँकि आप इससे पहले भी बीजेपी पर खुले आम लोकतंत्र और संविधान को समाप्त करने का आरोप लगा चुकी है .

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