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मन की बात

Devendr Yadav ,Thinker & Political Analyst
जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस मन की बात का नहीं कर रहा हूं जिसका प्रसारण प्रतिमाह रेडियो पर होता है, बल्कि जिक्र उस महान बात का कर रहा हूं जो बात नरेंद्र मोदी के मुख से शब्द के रूप में निकलती है और चंद मिनट में सारे देश में फेल कर स्थाई रूप ले लेती है !
जिसका प्रचार प्रसार जनता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पार्टी भा जा पा नहीं करती बल्कि मोदी के मुख से निकले शब्दों का प्रचार प्रसार विपक्षी पार्टियां करती हैं, विपक्ष के द्वारा मोदी के शब्दों का प्रचार प्रसार उनको लंबे समय तक या यूं कहें स्थाई रूप से देश और जनता के बीच चर्चा में बनाए रखता है !
मसलन, अच्छे दिन आएंगे, विदेशों में जमा काले धन को वापस भारत लाएंगे और जनता के खातों में 15-15 लाख रुपया जमा कराएंगे, बेरोजगार युवाओं को प्रतिवर्ष 2 करोड़ नौकरियां दिलवाएंगे, पकोड़ा, गटर की गैस से चाय बनाना, बादलों मैं छुपकर सर्जिकल स्ट्राइक करना ,पवन चक्की के माध्यम से हवा में से ऑक्सीजन शुद्ध पानी और बिजली निकालना यह वह तमाम शब्द हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख से निकले और उनका प्रचार प्रसार देशभर में विपक्ष ने किया !


मोदी जी के मुख से निकले शब्दों को लेकर देश भ्रमित है और सवाल भी खड़ा हुआ है की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख से ऐसे शब्द क्या अनायास ही निकलते हैं या फिर यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक राजनैतिक रणनीति है, जो उन्हें देश और जनता के बीच चर्चा में बनाए रखती है !


ध्यान देने वाली बात तो यह है कि मोदी के मुख से 6 वर्ष में अनेक ऐसे शब्द निकले जिनके कारण उन्हें विपक्ष ने झूठा और फेकू जैसे शब्दों से नवाजा लेकिन मोदी ने अपने शब्दों पर कभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी उन्होंने अपने शब्दों पर अफसोस जाहिर किया और ना ही क्षमा मांगी और ना ही भूल सुधार की, बल्कि एक के बाद एक इसी प्रकार के शब्द उनके मुख से निकलते रहे और वह चर्चा में बने रहे !


सोशल मीडिया के युग में मोदी आज देश के सबसे चर्चित नेता है!इसे जो भी समझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और जनता को महत्वपूर्ण योजनाओं की अनेक सौगात दी हैं जैसे उज्जवला योजना ,मुद्रा लोन योजना ,स्वच्छ भारत अभियान ,किसानों के लिए फसल बीमा योजना ,जनधन खाते आदि मगर ज्यादा चर्चा अच्छे दिन कब आएंगे बेरोजगार युवाओं को दो करोड़ नौकरियां कब मिलेंगी काला धन देश में वापस कब आएगा आदि वादों की चर्चा अधिक सुनाई देती है .

मोदी जी समझ गए हैं जनता को जुमले और वादों की लॉलीपॉप काफी पसंद आती है और उसपर यदि पाकिस्तान को ललकार मिल जाए तो सोने पे सोहागा . मंदिर बन ही गया है , 370 हटा दी गयी है , तीन तलाक़ में मुसलमान उलझा हुआ है और क्या चाहिए देश की 30 % जनता को . बची 70 % जनता वो खुद ही बिखर कर खुद ही बीजेपी का भला कर देती है .बस अपना काम बनता भाड़ में जनता यही तो चाहती है न जनता .

उसको देश की ग़रीबी , GST , विदेश नीति , किसान का अंधकारमय भविष्य , नई शिक्षा नीति की कमियां ,नफरत , द्वेष , बेरोज़गारी , नौजवानो का भविष्य इस सबसे कोई लेना देना है ही नहीं . चंद भक्ति अपनी भक्ति के शोर से नौजवानो के ठन्डे रक्त को आराम से पानी कर देते हैं . बस यही सब है हमारे मोदी जी के करिश्माई शख्सियत का राज़ जो Corona काल में भी नमस्कार ट्रम्प के माध्यम से एक लाख लोगों की gathering करके ठीकरा प्लाज़्मा देने वाले जमातियों पर फुड़वा देते हैं .यही तो महानता है हमारे देश की जनता की जो लाखों के सूट पहनने वाले नेता को सन्यासी कहा करती है .


पंचायत राज निकाय चुनाव से लेकर विधानसभा और देश के आम चुनाव में इनकी चर्चा होना आम बात हो गई है ऐसा लगता है यदि इन वादों का विपक्ष जनता के बीच जिक्र ना करें तो शायद चुनाव ही अधूरा रह जाएगा !

विपक्षी वार के बावजूद भाजपा केंद्र की सत्ता पर दूसरी बार काबिज होने में कामयाब रही !विपक्ष मोदी के द्वारा कहे शब्दों में उलझ कर मोदी को ही चर्चा में बनाए रखता है यह विपक्ष की कमजोरी और मोदी की एक बड़ी उपलब्धि है !

विपक्ष की कमजोरी और मोदी के शब्दों ने ही मोदी को देश का प्रमुख चर्चित चेहरा बना रखा है यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा विपक्ष मोदी के खिलाफ जो भी प्रतिक्रिया देता है उसका फायदा अभी तक भा जा पा और मोदी को होता हुआ दिखाई दिया है !क्या मोदी विपक्ष की इस कमजोरी और जनता की नब्ज को समझ क
र राजनीतिक रणनीति के तहत इस प्रकार के शब्द अपने मुख से तीर की तरह छोड़ते हैं, जो उन्हें जनता के बीच चर्चा में बनाए रखते हैं ?
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