Site icon TIMES OF PEDIA

सवीना सीआई को हटाने की मांग पर अड़े वकील, कलेक्ट्रेट में डाला डेरा, किया सुंदरकांड पाठ

lawyers-savina-ci-removal

lawyers-savina-ci-removal

उदयपुर, 26 अक्टूबर । उदयपुर में सवीना थानाधिकारी (सीआई) दलबीर सिंह की कार्यशैली और भू-माफियाओं के खिलाफ ढुलमुल रवैये के विरोध में वकीलों का आंदोलन अब आर-पार की लड़ाई में बदल गया है। सोमवार को उग्र प्रदर्शन के बाद शाम होते-होते अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में ही अनिश्चितकालीन डेरा डाल दिया। वकीलों ने कलेक्ट्रेट में रात गुजारने के पूरे इंतजाम कर लिए। परिसर में ही हलवाइयों की भट्टियां लग चुकी हैं, रात को सोने के लिए गद्दे-रजाई मंगवा लिए गए हैं और आंदोलन को आध्यात्मिक बल देने के लिए सामूहिक हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ शुरू कर दिया गया।

विवाद की शुरुआत गोविंद नगर स्थित एक कीमती प्लॉट पर कब्जे के प्रयास और पथराव की घटना से हुई थी। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता राजेश जाजोदिया जब रविवार को सवीना थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे, तो आरोपित कौशल आमेटा भी वहां आ धमका। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में ही आरोपित ने वकील को जान से मारने की खुली धमकी दे डाली। इसके बावजूद थानाधिकारी दलबीर सिंह ने आरोपित पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। वकीलों का आरोप है कि पुलिस की अनदेखी और शह के कारण क्षेत्र में भू-माफिया बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

रविवार रात को सवीना थाने में 3 घंटे तक चले धरने और उच्च अधिकारियों की समझाइश के बाद भी जब सीआई पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो सोमवार सुबह वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। बार एसोसिएशन के बैनर तले सैकड़ों अधिवक्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और अंदर बैठकर जोरदार प्रदर्शन व नारेबाजी शुरू कर दी।

बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव चेतनपुरी गोस्वामी सहित अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने दो टूक कहा कि जब तक सीआई दलबीर सिंह को तुरंत प्रभाव से निलंबित या लाइन हाजिर नहीं किया जाता और मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक कलेक्ट्रेट से एक भी वकील वापस नहीं लौटेगा। शाम को वकीलों ने कलेक्ट्रेट परिसर में ही भोजन पकाने की व्यवस्था की और पूरी रात परिसर में डटे रहने का निर्णय लिया। अधिवक्ताओं के इस सख्त और अनूठे रुख के बाद जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। खबर लिखे जाने तक कलेक्ट्रेट में वकीलों का धरना और सुंदरकांड व हनुमान चालीसा का पाठ जारी था।

Exit mobile version