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किसको बनाया जायेगा कांग्रेस का राष्ट्रीय सचिव? कशमकश में राहुल!

Rahul gandhi

देवेंद्र यादव, कोटा राजस्थान

क्या कांग्रेस के भीतर निष्ठावान वफादार और जन्म जात कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की कमी हो गई है, और इसीलिए कांग्रेस देश की और विभिन्न राज्यों की सत्ता से लंबे समय से बाहर है, यह सवाल इसलिए क्योंकि देशभर में कांग्रेस संगठन सृजन के बाद अब राष्ट्रीय स्तर पर सचिवों की नियुक्ति के लिए, कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं का दिल्ली में साक्षात्कार चल रहा है !

पहले कांग्रेस के संगठन सृजन की बात करें, तो संगठन सर्जन के तहत कांग्रेस ने देश के लगभग सभी राज्यों के जिलों में अपने जिला अध्यक्षों की घोषणा कर दी है,

अध्यक्षों की घोषणा होने के बाद, नव नियुक्त जिला अध्यक्षों को लेकर कांग्रेस के भीतर जिलों में विवाद हुआ, सबसे पहले विवाद उत्तर प्रदेश से शुरू हुआ, उत्तर प्रदेश से ही कांग्रेस ने संगठन सृजन का कार्यक्रम शुरू किया था.

उत्तर प्रदेश में जिला अध्यक्षों को लेकर विवाद इतना बड़ा की कांग्रेस हाई कमान ने उत्तर प्रदेश में दोबारा से कांग्रेस संगठन सृजन का कार्यक्रम शुरू किया जो लगभग पूरा हो गया जिला अध्यक्षों की घोषणा होना अभी बाकी है !

सवाल यह है कि कांग्रेस ने देश के सभी जिलों में जिला और ब्लॉक इकाइयों को मजबूत करने के लिए संगठन सजन का कार्य शुरू किया इसके लिए दिल्ली से पर्यवेक्षक भी भेजें, और जिला अध्यक्षों की घोषणा दिल्ली से हुई इसके बावजूद जिला अध्यक्षों को लेकर देश भर में कांग्रेस के भीतर विवाद हुआ जो विवाद अभी भी जारी है !

खबर आ रही है कि कांग्रेस हाई कमान खासकर राहुल गांधी अपने राष्ट्रीय सचिवों को बदलकर नए सचिव बनाने के लिए नेताओं और कार्यकर्ताओं का साक्षात्कार ले रहे हैं.

सुना जा रहा है कि जिन नेताओं का साक्षात्कार लिया जा रहा है और साक्षात्कार के बाद उचित हुआ तो उनमें से कई नेताओं को कांग्रेस का राष्ट्रीय सचिव बनाया जाएगा,

जिन में वह नेता भी शामिल होंगे जिन्हें पार्टी हाई कमान ने कांग्रेस संगठन सृजन कार्यक्रम में पर्यवेक्षक बनाकर जिलों में भेजा था,

अब सवाल यह है कि जिन नेताओं को जिलों में पर्यवेक्षक बनाकर भेजा था क्या वह नेता जिला अध्यक्षों का ठीक से चयन कर पाए, यदि पर्यवेक्षक ठीक से चयन करते तो राहुल गांधी के सामने जिला अध्यक्षों की घोषणा के बाद कार्यकर्ताओं की शिकायत नहीं पहुंचती की उनके जिले में जिला अध्यक्ष का चयन ठीक से नहीं हुआ !

सवाल यह भी है कि जब कांग्रेस हाई कमान के द्वारा विभिन्न राज्यों में भेजे गए पर्यवेक्षक स्थानीय कार्यकर्ताओं और नेताओं से परामर्श कर ठीक से जिला अध्यक्षों का चयन नहीं कर पाए तो ऐसे में साक्षात्कार के माध्यम से राष्ट्रीय सचिवों का चयन ठीक से होगा यह कैसे संभव होगा, जिन नेताओं का राष्ट्रीय सचिव बनने की चर्चा सुनाई दे रही है वह नेता अपने गृह राज्य और गृह जिले में क्या लोकप्रिय हैं क्या उन्हें उनके राज्य में सभी जानते हैं जनता को छोड़ो कांग्रेस का आम कार्यकर्ता भी उन्हें ठीक से जानते हैं, क्या इसकी भी छानबीन होगी!

जब कार्यकर्ता ही उन्हें नहीं जानते हैं ऐसे में वह कैसे कांग्रेस को अन्य राज्यों में जाकर मजबूत कर चुनाव जीतवाएंगे, इस पर राहुल गांधी को एक बार मंथन करना होगा,

और यह देखना होगा कि कार्यकर्ता और नेताओं को राष्ट्रीय सचिव बनाने के लिए साक्षात्कार लेने का दिमाग किस रणनीतिकार नेता का है ! जिन नेताओं का साक्षात्कार हो रहा है उनमें से अधिकांश नेता ऐसे हैं जिनकी अपने राज्य में भी कोई राजनीतिक जमीन नहीं है !

कांग्रेस के भीतर निष्ठावान वफादार और कर्मठ कार्यकर्ताओं की कोई कमी नहीं है कांग्रेस के भीतर ऐसे जन्मजात कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद हैं जिन्हें आज तक कांग्रेस में अपनी पीढ़ीया गुजर जाने के बाद भी उसे परिवार को सत्ता और संगठन में कोई पद नहीं मिला इसके बावजूद वह अपने परिवार के साथ कांग्रेस के साथ दुख और सुख में खड़ा रहा और है, पीढ़ी दर पीढ़ी वह कार्यकर्ता अभी तक उपेक्षित क्यों है क्योंकि कांग्रेस के भीतर लंबे समय से कुंडली मारकर बैठे नेता हाई कमान और गांधी परिवार को ऐसा प्लान बताते हैं इस कारण जन्मजात कांग्रेसी कार्यकर्ता कांग्रेस के भीतर सत्ता और संगठन पद से वंचित रह जाता है यदि त्याग देखना है तो उन कार्यकर्ताओं को देखो जिनकी कांग्रेस के भीतर पीढ़ियां गुजर गई बगैर पद के फिर भी कभी वह गांधी परिवार से उफ तक नहीं करते, यदि ढूंढना है तो ऐसे कार्यकर्ताओं को ढूंढो जिनका कांग्रेस के भीतर जन्मजात त्याग है !

कांग्रेस के भीतर आज भी बड़ी संख्या में जना धार वाले लोकप्रिय कर्मठ वफादार और निष्ठावान नेता मौजूद हैं जिन्हें आज तक सत्ता और संगठन में कोई पद नहीं मिला, ऐसा भी नहीं है कि उन पर नजर नहीं है लेकिन कांग्रेस हाई कमान की उन पर नजर इनायत नहीं हो पाई !

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