हकीम अजमल खान फोरम फार पीस एंड कम्युनल हार्मनी के अध्यक्ष तेजलाल भारती और महासचिव डा. सैयद अहमद खां का संयुक्त बयान
नई दिल्लीः हकीम अजमल खान फोरम फार पीस एंड कम्युनल हार्मनी के अध्यक्ष तेजलाल भारती और महासचिव डा. सैयद अहमद खां ने एक संयुक्त बयान जारी कर जामिया मिल्लिया इस्लामिया के प्रशासन से अपील की है कि वह छात्रों के प्रति नरम रवैया अपनाए और उनकी जायज मांगों को स्वीकार करते हुए छात्र संघ के चुनाव बहाल करे।
संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने कहा कि जामिया के छात्र प्रशासन के अपने बच्चे हैं और उनकी मांगें कोई अनुचित या बेवजह की मांगें नहीं हैं, बल्कि ये पूरी तरह जायज और लोकतांत्रिक मांगें हैं। देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में छात्र संघ के चुनाव हो चूके हैं, इसलिए जामिया मिल्लिया इस्लामिया में भी छात्र संघ के चुनाव होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्र संघ चुनाव की मांग ऐसी नहीं है कि इसके जवाब में जामिया को छावनी में तब्दील कर दिया जाए, विश्वविद्यालय के गेटों को सील कर दिया जाए और सभी छात्रों के हॉस्टल बंद कर दिए जाएं। यहां तक कि छात्राओं के हॉस्टलों में भी पुलिस और सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया जाए। इस तरह के कदम किसी भी शैक्षणिक संस्थान के माहौल के लिए उचित नहीं हैं।
दोनों नेताओं ने कहा कि जामिया एक शैक्षणिक संस्थान है, जहां छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ लोकतांत्रिक मूल्यों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अपने जायज अधिकारों के लिए आवाज उठाने का अवसर मिलना चाहिए। छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना और उनके साथ बातचीत के जरिए समाधान निकालना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने प्रशासन से अपील की कि वह छात्रों को अपने बच्चों और देश के भविष्य के रूप में देखते हुए उनकी भावनाओं और मांगों का सम्मान करे, छात्र संघ के चुनाव बहाल करे और छात्रों के खिलाफ की जा रही कार्रवाइयों पर रोक लगाए।
अंत में तेजलाल भारती और सैयद अहमद खां ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन से मांग की कि वह सख्ती के बजाय हमदर्दी, नरमी, संवाद और आपसी समझ का रास्ता अपनाए। छात्रों की जायज मांगों को स्वीकार करते हुए छात्र संघ के चुनाव बहाल किए जाएं और विश्वविद्यालय में सामान्य शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित किया जाए।

