Site icon TIMES OF PEDIA

इज़रायली हमलों में 7 फिलिस्तीनियों की मौत

गाज़ा में फिर खून-खराबा

गाज़ा में फिर खून-खराबा

गाज़ा में फिर खून-खराबा: ‘सीज़फायर’ के बीच इज़रायली हमलों में 7 फिलिस्तीनियों की मौत

तेल अल-हवा में यात्री वाहन पर ड्रोन हमला, रिहायशी अपार्टमेंट भी निशाना; युद्धविराम के बाद 1,400 से ज्यादा फिलिस्तीनियों के मारे जाने का दावा

गाज़ा सिटी। गाज़ा में युद्धविराम लागू होने के बावजूद हिंसा थमती नजर नहीं आ रही है। बुधवार, 30 सितंबर 2026 को गाज़ा पट्टी में इज़रायली हमलों में कम-से-कम सात फिलिस्तीनियों के मारे जाने और 10 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। अल जज़ीरा के अनुसार, गाज़ा सिटी के दक्षिण-पश्चिमी तेल अल-हवा इलाके में एक यात्री वाहन पर ड्रोन हमले में छह लोग मारे गए, जबकि एक अन्य व्यक्ति रिहायशी अपार्टमेंट पर हुए हमले में मारा गया।

हालांकि, Reuters की शुरुआती रिपोर्ट में बुधवार को दो अलग-अलग हमलों में कम-से-कम पांच फिलिस्तीनियों के मारे जाने की बात कही गई थी—तेल अल-हवा में वाहन पर हमले में चार लोग और गाज़ा सिटी के एक अपार्टमेंट में एक महिला की मौत। इससे पता चलता है कि मृतकों की संख्या अभी भी अपडेट हो रही थी।

तेल अल-हवा में यात्री वाहन पर हमला

ताज़ा रिपोर्टों के मुताबिक तेल अल-हवा में जिस वाहन को निशाना बनाया गया, उसमें आम यात्री सवार थे। अल जज़ीरा ने स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और मेडिकल सूत्रों के हवाले से बताया कि ड्रोन हमले में छह लोगों की मौत हुई और 10 से ज्यादा लोग घायल हुए।

इस हमले की स्वतंत्र रूप से पूरी जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकी है। इज़रायली सेना ने Reuters की शुरुआती रिपोर्ट के समय इन विशेष हमलों पर तत्काल टिप्पणी नहीं की थी।

रिहायशी मकान भी निशाने पर

गाज़ा सिटी के अल-वेहदा स्ट्रीट पर एक घर को भी हवाई हमले का निशाना बनाए जाने की रिपोर्ट है। Anadolu के अनुसार, इस हमले में एक फिलिस्तीनी महिला की मौत हुई और उसके पति को गंभीर चोटें आईं। इसी दौरान शुजाइया इलाके में खाली पड़े दो मकानों को निशाना बनाए जाने की भी खबर है, जिसमें तीन लोग घायल हुए।

दक्षिणी गाज़ा में खान यूनिस के पास भी गोलीबारी की रिपोर्ट सामने आई है, जबकि मध्य गाज़ा में बुरेज़ शरणार्थी शिविर के आसपास ड्रोन और भारी गोलीबारी की खबरें हैं।


युद्धविराम आखिर टूट क्यों रहा है?

यहां कहानी केवल हमलों की नहीं बल्कि युद्धविराम की अलग-अलग व्याख्याओं की भी है।

मौजूदा युद्धविराम अक्टूबर 2025 में लागू हुआ था। लेकिन उसके बाद भी गाज़ा में इज़रायली सैन्य कार्रवाई जारी रही है।

इज़रायल का कहना है कि हमास युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन कर रहा है, दोबारा हथियार जमा कर रहा है और हमले की क्षमता पुनर्निर्मित कर रहा है।

दूसरी तरफ हमास इन आरोपों से इनकार करता है और इज़रायल पर युद्धविराम समझौते को कमजोर करने तथा गाज़ा से अपनी सैन्य वापसी की प्रतिबद्धताओं को पूरा न करने का आरोप लगाता है। Reuters के अनुसार, युद्धविराम के बाद भी दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और वार्ता कई अहम मुद्दों पर अटकी हुई है।

हमास कमांडर भी इज़रायली हमले में मारा गया

29 सितंबर को भी गाज़ा में एक बड़ा हमला हुआ था।

इज़रायली अधिकारियों के मुताबिक, इज़रायली सेना ने इज़्ज़ अल-दीन अल-बेक को निशाना बनाया, जिसे इज़रायल ने उत्तरी गाज़ा में हमास की सैन्य ब्रिगेड का कमांडर बताया।

गाज़ा की सिविल डिफेंस एजेंसी के अनुसार उस हमले में कम-से-कम सात लोग मारे गए। हमास ने भी अल-बेक की मौत की पुष्टि की और कहा कि वह 7 अक्टूबर 2023 के हमले की योजना में शामिल नेताओं में था।

इस घटना के बाद भी दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम उल्लंघन को लेकर आरोप तेज हो गए हैं।


युद्धविराम के बाद कितने लोग मारे गए?

गाज़ा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में युद्धविराम लागू होने के बाद से कम-से-कम 1,400 फिलिस्तीनी इज़रायली हमलों में मारे जा चुके हैं।

Reuters ने 30 सितंबर की रिपोर्ट में यही आंकड़ा उद्धृत किया है। वहीं इज़रायली सेना के अनुसार इस अवधि में उसके चार सैनिक मारे गए हैं।

गाज़ा के सरकारी मीडिया कार्यालय ने इससे भी ज्यादा विस्तृत आंकड़े जारी किए हैं। उसके मुताबिक 10 अक्टूबर 2025 से युद्धविराम के दौरान इज़रायल की ओर से 5,147 उल्लंघन दर्ज किए गए और इनमें 1,421 फिलिस्तीनियों की मौत तथा 4,983 लोगों के घायल होने का दावा किया गया है। यह आंकड़े गाज़ा के अधिकारियों का दावा हैं और स्वतंत्र रूप से सभी घटनाओं की पुष्टि नहीं हुई है।


मानवीय संकट अब भी कायम

युद्धविराम के बावजूद गाज़ा में मानवीय स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।

गाज़ा के सरकारी मीडिया कार्यालय के मुताबिक लाखों विस्थापित लोग अब भी टेंटों में रहने को मजबूर हैं और बड़ी संख्या में टेंट खराब हो चुके हैं। उसने यह भी आरोप लगाया कि युद्धविराम समझौते में अपेक्षित मानवीय सहायता की मात्रा लगातार पूरी नहीं हो रही है।

दूसरी ओर, इज़रायल और उसके समर्थकों का तर्क है कि हमास की सैन्य क्षमता और सुरक्षा संबंधी मुद्दों के समाधान के बिना स्थायी शांति सुनिश्चित करना मुश्किल है।

यही कारण है कि युद्धविराम के बावजूद हमास के निरस्त्रीकरण और इज़रायली सेना की वापसी जैसे प्रमुख मुद्दों पर बातचीत अटकी हुई है।


74 हजार से ज्यादा मौतों के बाद भी जारी है संकट

गाज़ा स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार अक्टूबर 2023 में शुरू हुए युद्ध के बाद अब तक 74,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं।

युद्ध की शुरुआत 7 अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व वाले हमले के बाद हुई थी, जिसमें इज़रायली अधिकारियों के अनुसार लगभग 1,200 लोग मारे गए और 250 से अधिक लोगों को बंधक बनाया गया।

इसके बाद इज़रायल ने गाज़ा में व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया।

अब लगभग तीन साल बाद भी युद्धविराम के बावजूद गाज़ा में हवाई हमले, गोलीबारी और सैन्य गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं हुई हैं।

सबसे बड़ा सवाल: क्या यह वास्तव में युद्धविराम है?

गाज़ा की मौजूदा स्थिति एक कठिन सवाल खड़ा करती है—अगर युद्धविराम के दौरान भी हवाई हमले, ड्रोन हमले और गोलीबारी जारी रहें और लोगों की जान जाती रहे, तो जमीन पर उस युद्धविराम की वास्तविक स्थिति क्या है?

इज़रायल इसे सुरक्षा और हमास के खिलाफ कार्रवाई के रूप में देखता है, जबकि फिलिस्तीनी पक्ष इसे युद्धविराम की लगातार अवहेलना बताता है।

फिलहाल इतना स्पष्ट है कि समझौता कागज़ पर मौजूद होने के बावजूद गाज़ा में हिंसा पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। और हर नया हमला उस युद्धविराम की स्थिरता पर एक नया सवाल खड़ा कर रहा है।

Exit mobile version