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इतिहास के पन्नों में 24 अक्टूबर : आरके लक्ष्मण – आम आदमी की पीड़ा को आवाज देने वाले कालजयी कार्टूनिस्ट

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राजनीतिक व्यंग्य हो या आम आदमी के जीवन की उदासी, खुशी और संघर्ष की कहानी—आरके लक्ष्मण के कार्टूनों में हर भाव को जगह मिली। अपनी सहज रेखाओं और धारदार व्यंग्य के जरिए उन्होंने व्यवस्था की विसंगतियों को उजागर किया और आम लोगों की उन परेशानियों को आवाज दी, जिन्हें अक्सर अनसुना कर दिया जाता था। भारतीय कार्टून कला को नई पहचान देने वाले रासीपुरम कृष्णस्वामी लक्ष्मण का जन्म 24 अक्टूबर 1921 को मैसूर में हुआ था।

आरके लक्ष्मण को उनकी चर्चित कार्टून शृंखला ‘यू सैड इट’ और इसके प्रमुख किरदार ‘द कॉमन मैन’ के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है। धोती, कोट और चौड़ी आंखों वाला यह आम आदमी बिना कुछ कहे देश की राजनीति, नौकरशाही और सामाजिक व्यवस्था पर बहुत कुछ कह जाता था। उसकी खामोशी में आम नागरिक की बेबसी भी थी और व्यवस्था से सवाल करने का साहस भी। यही वजह रही कि ‘कॉमन मैन’ धीरे-धीरे भारतीय समाज की सामूहिक चेतना का प्रतीक बन गया।

लक्ष्मण ने अपने करिअर की शुरुआत स्थानीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में अंशकालिक कार्टूनिस्ट के रूप में की थी। बाद में मुंबई के ‘द फ्री प्रेस जर्नल’ में राजनीतिक कार्टूनिस्ट के तौर पर उन्हें पहला पूर्णकालिक काम मिला। इसके बाद उन्होंने ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ के साथ काम शुरू किया। यहीं उनकी कार्टून शृंखला ‘यू सैड इट’ ने व्यापक लोकप्रियता हासिल की और उन्हें देश के सबसे चर्चित कार्टूनिस्टों में शामिल कर दिया।

उनके कार्टूनों की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वे कठिन राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को सरल, प्रभावशाली और हास्यपूर्ण अंदाज में प्रस्तुत करते थे। उनके व्यंग्य में केवल हंसी नहीं, बल्कि आम आदमी की निराशा, उम्मीद और व्यवस्था के प्रति असंतोष भी झलकता था। उन्होंने अपने चित्रों के माध्यम से सत्ता और समाज के सामने ऐसे सवाल रखे, जिनका असर शब्दों से कहीं अधिक गहरा होता था।

1577 – चौथे सिख गुरु रामदास ने अमृतसर शहर की स्थापना की, शहर का नाम तालाब अमृत सरोवर के नाम पर रखा गया।

1579 – जेसुइट पादरी एस जे थामस भारत आने वाले पहले अंग्रेज थे,वह पुर्तग़ाली नौका से गोवा पहुंचे।

1851 – कोलकाता और डायमंड हार्बर के बीच पहली आधिकारिक टेलीग्राफ लाइन की शुरूआत।

1945 – द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के एक महीने बाद ही विश्व में शांति कायम करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) की स्थापना की गई।

1946 – रॉकेट द्वारा पहली बार धरती का अंतरिक्ष से चित्र लिया गया।

1948 – बर्नार्ड बारूक ने सीनेट युद्ध की जांच समिति के समक्ष एक भाषण में पहली बार ‘शीत युद्ध’ शब्द का इस्तेमाल किया।

1975 – बंधुआ मजदूर प्रथा को समाप्त करने के लिए एक अध्यादेश लाया गया और अगले दिन से यह प्रभाव में आ गया।

1982 – सुधा माधवन मैराथन में दौड़ने वाली पहली महिला एथलीट बनी।

1984 – कोलकाता में एस्प्लेनेड और भवानीपुर के बीच पहली मेट्रो ट्रेन (भूमिगत ट्रेन) शुरु।

1997 – केरल में शिक्षण संस्थाओं में रैगिंग पर रोक लगाई गई।

2000 – दक्षिण कोरिया द्वारा लम्बी दूरी की मिसाइलों का परीक्षण न करने की घोषणा।

2001 – नासा के 2001 मार्स ओडिसी अंतरिक्ष यान ने सफलतापूर्वक मंगल ग्रह के चारों ओर कक्षा में प्रवेश किया।

2003 – ब्रिटेन ने सुपरसोनिक यात्री विमानों को विदाई दी। इस श्रेणी के अंतिम विमान ने हीथ्रो हवाई अड्डे से उड़ान भरी।

1775 – बहादुर शाह जफर – मुग़ल साम्राज्य के अंतिम बादशाह थे।

1911 – अशोक मेहता – भारत के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञों में से एक, समाजवादी नेता, सांसद तथा विचारक।

1936 – संजीव चट्टोपाध्याय – बांग्ला भाषा के उपन्यासकार तथा लघु कथाकार थे।

1974 – अनुराग ठाकुर – जानेमाने भारतीय राजनीतिज्ञ व भारतीय जनता पार्टी के नेताओं में से एक हैं।

1996 – ग्लेडविन जेब – संयुक्त राष्ट्र के प्रथम महासचिव के चुनाव तक कार्यवाहक महासचिव थे।

2000 – सीताराम केसरी – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञों में से एक थे।

2005 – टीएस मिश्रा – भारतीय राज्य असम के भूतपूर्व राज्यपाल थे।

2006 – धरमपाल – भारत के एक महान् गांधीवादी, विचारक, इतिहासकार एवं दार्शनिक।

2013 – मन्ना डे – भारत सरकार ने इन्हें सन 2005 में कला के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित।

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