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संगेल में शुरू हुआ नूंह जिले का पहला आधुनिक पशु ऑपरेशन थियेटर

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नूंह, 11 सितंबर । नूंह जिले में पशु चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गांव संगेल स्थित पशु क्रूरता निवारण समिति (एसपीसीए) की इन्फर्मरी एवं गौशाला परिसर में जिले के पहले आधुनिक पशु ऑपरेशन थियेटर की शुरुआत की गई। इसका उद्घाटन उपायुक्त एवं जिला एसपीसीए के चेयरमैन अखिल पिलानी ने किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक ऑपरेशन थियेटर की सुविधा जिले के पशुपालकों और पशुधन के लिए बड़ी सौगात है।

उपायुक्त ने कहा कि नीति आयोग के आकांक्षी जिला नूंह में करीब 3.11 लाख पशुधन है, जिसमें मुख्य रूप से गौवंश और छोटे जुगाली करने वाले पशु शामिल हैं। जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था काफी हद तक पशुपालन पर निर्भर है और बड़ी संख्या में छोटे एवं सीमांत किसान पशुधन के माध्यम से अपनी आजीविका चलाते हैं। ऐसे में पशुओं को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि पशुधन के क्षेत्र में आर्थिक प्रगति और रोजगार सृजन की व्यापक संभावनाएं हैं। इसी उद्देश्य से संगेल में आधुनिक पशु ऑपरेशन थियेटर स्थापित किया गया है। यहां दुर्घटनाग्रस्त पशुओं, जटिल प्रसव तथा गंभीर बीमारियों से पीड़ित पशुओं का समय पर शल्य उपचार किया जा सकेगा। इससे पशुओं की मृत्यु दर कम करने के साथ पशुपालकों को होने वाले आर्थिक नुकसान को भी कम करने में मदद मिलेगी।

उद्घाटन के दिन ही तीन पशुओं की सफल सर्जरी

उपायुक्त अखिल पिलानी ने बताया कि ऑपरेशन थियेटर के उद्घाटन के दिन ही तीन पशुओं की सफल सर्जरी की गई। उन्होंने कहा कि इससे इस आधुनिक सुविधा की आवश्यकता और उपयोगिता का अंदाजा लगाया जा सकता है। अब जिले के पशुपालकों को गंभीर रूप से बीमार अथवा घायल पशुओं के उपचार के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों का रुख नहीं करना पड़ेगा और स्थानीय स्तर पर ही आधुनिक शल्य चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।

उपनिदेशक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. वीरेंद्र सहरावत ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उपायुक्त के मार्गदर्शन में पशुपालकों की आय बढ़ाने और पशुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए मेवात विकास अभिकरण के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर पशु क्रूरता निवारण समिति के अध्यक्ष दिनेश नागपाल, जगदीश सिंह, डॉ. योगेंद्र सांगवान, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. त्रिपुरारी दुबे, डॉ. रामबीर, डॉ. इस्लाम, डॉ. हरेंद्र, अनिल कुमार, सोहेल, कृष्ण, रिजवान सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति, पशु चिकित्सक और ग्रामीण मौजूद रहे।

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