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तेजी से बदलते भारत की उम्मीदों को पूरा करने के लिए लोक प्रशासन को बेहतर होना चाहिए : राधाकृष्णन

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नई दिल्ली, 31 अक्टूबर । उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शनिवार को कहा कि असरदार लोक प्रशासन के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और जिला-स्तर प्रशासन के बीच बिना रुकावट के तालमेल होना जरूरी है।

राधाकृष्णन ने गुरुवार को दिल्ली में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (आईआईपीए) की 72वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को साकार करने के लिए लोक प्रशासन में व्यापक सुधारों का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेजी से बदलते भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रशासनिक ढांचे को नई सच्चाइयों के अनुरूप ढालना होगा।

उपराष्ट्रपति ने कहा, “शासन का आखिरी मकसद यह पक्का करना होना चाहिए कि आर्थिक तरक्की हर नागरिक के लिए इज़्ज़त, सुरक्षा और बेहतर मौकों में बदले। शासन तभी अच्छे नतीजे दे सकता है जब प्रशासन के अलग-अलग लेवल एक जैसे दृष्टिकोण और एक जैसे मकसद के साथ मिलकर काम करें। अच्छे शासन को सिर्फ़ आर्थिक विकास से नहीं बल्कि लोगों की खुशी, जीवन स्तर और पूरी भलाई पर इसके असर से भी मापा जाना चाहिए। वर्तमान समय में शासन से अधिक तेज, नागरिक-केंद्रित, तकनीक-आधारित और डेटा-संचालित होने की उम्मीद की जा रही है। अच्छे प्रशासन का पैमाना केवल आर्थिक विकास नहीं है, बल्कि लोगों की खुशी और उनके जीवन स्तर में सुधार भी इसका अहम हिस्सा शासन तभी सफल हो सकता है जब केंद्र, राज्य और जिला प्रशासन एक समान विजन के साथ मिलकर काम करें।”

उन्होंने कहा कि पिछले 12 सालों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 25 करोड़ से ज़्यादा लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। जो सबको साथ लेकर चलने वाले विकास और बेहतर जीवन स्तर की लगातार कोशिशों का असर दिखाती है।

उपराष्ट्रपति ने पर्यावरण सुरक्षा और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि आम जनता की भलाई के लिए प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग इस तरह होना चाहिए कि पर्यावरण की स्थिरता को कोई नुकसान न पहुंचे। उन्होंने केंद्रीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी मंत्री एवं आईआईपीए कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र सिंह, महानिदेशक डॉ. सुरेंद्र कुमार बागड़े और संस्थान की फैकल्टी के प्रयासों की तारीफ करते हुए आईआईपीए को सिविल सेवक की अगली पीढ़ी तैयार करने का जिम्मा सौंपा।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने लोक प्रशासन में उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘पॉल एच. एप्पलबी पुरस्कार’, अकादमिक उत्कृष्टता के लिए ‘डॉ. राजेंद्र प्रसाद पुरस्कार’ और ‘सर्वश्रेष्ठ आईआईपीए ब्रांच अवार्ड’ भी प्रदान किए। कार्यक्रम में जनरल बॉडी और कार्यकारी परिषद के सदस्य, फैकल्टी और विभिन्न क्षेत्रीय शाखाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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