चंडीगढ़, 03 सितंबर । हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने शिक्षक समुदाय का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाने के लिए केवल शिक्षक की भूमिका तक सीमित न रहें, बल्कि उनके मार्गदर्शक, आदर्श और प्रेरणास्रोत के रूप में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
राज्यपाल गुरुवार को मानव मंगल स्मार्ट स्कूल में आयोजित 7वें ‘टीचर्स एक्सीलेंस अवाड्र्स’ समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने स्कूलों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के 11 उत्कृष्ट शिक्षकों को ‘अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस’ से सम्मानित किया। उन्होंने मानव मंगल स्मार्ट स्कूल के शिक्षकों को उनके योगदान और समर्पण के लिए प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए। इस अवसर पर हरियाणा की प्रथम महिला मित्रा घोष भी उपस्थित थीं।
लगातार सात वर्षों से उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करने की पहल के लिए मानव मंगल ग्रुप को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि ऐसे मंच शिक्षकों को वह सम्मान और पहचान प्रदान करते हैं, जिसके वे वास्तव में अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन उनका योगदान अक्सर सुर्खियों से दूर रह जाता है।
राज्यपाल ने कहा कि हम जीवन बचाने वाले डॉक्टरों, राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले इंजीनियरों तथा नवाचार और अनुसंधान करने वाले वैज्ञानिकों का सम्मान करते हैं, लेकिन इन सभी की सफलता की नींव उस शिक्षक द्वारा रखी जाती है, जो उन्हें उस समय तैयार करता है, जब दुनिया उनके नाम से भी परिचित नहीं होती।
प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि एक अच्छा शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा नहीं करता, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र का निर्माण करता है, उनमें जिज्ञासा जगाता है तथा उन्हें सपने देखने का आत्मविश्वास और उन्हें साकार करने का साहस भी प्रदान करता है।
चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए पुरस्कार विजेताओं का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह पहल दर्शाती है कि शिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्टता किसी एक शहर या संस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ट्राइसिटी और आसपास के क्षेत्रों की साझा शैक्षिक शक्ति का प्रतीक है।
शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल उपकरण भले ही ज्ञान तक पहुंचने और उसे साझा करने के तरीकों को बदल रहे हों, लेकिन तकनीक कभी भी एक अच्छे शिक्षक के मानवीय स्पर्श, सहानुभूति, विवेक और नैतिक मार्गदर्शन का स्थान नहीं ले सकती। इस अवसर पर मानव मंगल ग्रुप ऑफ स्कूल्स के निदेशक संजय सरदाना सहित स्कूल प्रबंधन के अन्य प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

