मथुरा, 03 सितम्बर। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में गोविंद नगर थाना क्षेत्र के मसानी लिंक रोड स्थित एक होटल में शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। होटल में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान अचानक दीवार भर-भराकर गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मलबे के नीचे दब गए। इस हादसे में एक मजदूर की मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद मथुरा में हुए हादसे का कड़ा संज्ञान लिया है। उन्हाेंने ने मृतक के शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को घायलों का समुचित और बेहतर उपचार करवाने के कड़े निर्देश दिए हैं। साथ ही अफसराें काे मृतक के परिजनों से संवाद कर उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि मिली जानकारी अनुसार, शनिवार दोपहर करीब पौने तीन बजे होटल परिसर में निर्माण कार्य चल रहा था, जिसमें करीब पांच मजदूर काम कर रहे थे। माैके पर ठेकेदार अली वसीम, अली कुरैशी, नदीम और आरिफ माैजूद थे। निर्माण कार्य के दाैरान अचानक दीवार गिरने से मजदूर मलबे में दब गए। हादसे में एक मजदूर की माैत हाे गई, जिसकी पहचान गोवर्धन रोड के खामिनी गांव निवासी 35 वर्षीय दिनेश के रूप में हुई है।जबकि दाे मजदूर मलबे में दबे हैं, जिन्हें निकालने के लिए एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग और पुलिस की निगरानी में जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही खामिनी गांव से बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतक के परिजन आक्रोशित होकर होटल पहुंच गए। होटल प्रबंधन और ठेकेदार पर बचाव कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए होटल का मुख्य गेट तोड़ दिया और अंदर प्रवेश कर जमकर हंगामा करने लगे। स्थिति के तनावपूर्ण होने की सूचना मिलते ही एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने किसी तरह समझा-बुझाकर स्थिति को संभाला।
चचेरे भाई राजन का आरोप है कि हादसा होते ही ठेकेदार और अन्य लोग मौके से भाग निकले। यहां तक कि मलबे में दबे दिनेश को खुद परिजनों और लाेगाें ने बाहर निकाला। भाई राज ने यह भी बताया कि दिनेश के माता-पिता नहीं हैं। उसके तीन छोटे बच्चे हैं, जिनकी परवरिश और जिम्मेदारी अब परिवार के सामने एक बड़ी चिंता बन गई है।

