बग्गा की गिरफ्तारी पर हरियाणा के CM ने दी ये प्रतिक्रिया, पिता ने बताया जान को खतरा

बीजेपी नेता तजिंदर बग्गा की गिरफ्तारी को सियासी बवाल मचा हुआ है. 

तजिंदर बग्गा को पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया. बग्गा के खिलाफ 1 अप्रैल को पंजाब में एफआईआर दर्ज की गई थी. बग्गा पर भड़काऊ बयान देने, शत्रुता को बढ़ावा देने और आपराधिक धमकी के आरोप को लेकर मामला दर्ज किया गया था. वहीं, तजिंदर बग्गा की गिरफ्तारी पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी प्रतिक्रिया दी है.

हरियाणा के सीए मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि तजिंदर बग्गा की गिरफ्तारी के संबंध में पंजाब पुलिस को दिल्ली पुलिस को बताना चाहिए था. बग्गा को सुबह 5 बजे उठाया गया, जिसके बाद उनके पिता ने एफआईआर दर्ज कराया. उन्होंने हरियाणा पुलिस को सूचना दी. जिसके बाद हरियाणा पुलिस ने पिपिली के पास उस गाड़ी को रोका और दिल्ली पुलिस को सूचना दी. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि पंजाब पुलिस को कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए था और ये राजनीतिक मुद्दा है. चुनाव के दिनों तजिंदर बग्गा ने कुछ भाषण दिया होगा. उस समय एक दूसरे पर आरोप लगाए जाते हैं और उस समय कोई घटना होती है, तो चुनाव आयोग का उसका संज्ञान लेती है.वहीं, तजिंदर बग्गा की गिरफ्तारी पर सवाल खड़ा करते हुए उनके पिता ने कहा कि पंजाब पुलिस बग्गा को जबरदस्ती उठाकर ले गए.

दिल्ली पुलिस का प्रतिनिधित्व करने वाले एएसजी सत्य पाल जैन ने कहा कि आज सुबह जनकपुरी थाना में बग्गा के पिता ने एफआईआर दर्ज कराया, जिसमें उन्होंने कहा कि सुबह कुछ लोग उनके घर आकर तोड़फोड़ की और तजिंदर को जबरदस्ती उठाकर ले गए. उन्हें भी मारा गया और उन्हें और उनके बेटे की जान को खतरा है.बीजेपी नेता तजिंदर सिंह बग्गा आम आदमी पार्टी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान के ऊपर अपनी जुबानी जंग के लिए सुर्खियों में रहते हैं.

पिछले महीने पंजाब पुलिस ने तजिंदर बग्गा के खिलाफ भड़काऊ बयान देने, आपसी दुश्मनी को बढ़ावा देने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज किया था.इसी मामले में तजिंदर सिंह बग्गा को गिरफ्तार करने भगवंत मान सरकार की पुलिस शुक्रवार, 6 मई की सुबह दिल्ली स्थित बीजेपी नेता के आवास पहुंचती थी. अपने वीडियो स्टेटमेंट में दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता नवीन कुमार जिंदल ने दावा किया है कि सुबह तकरीबन 8:30 बजे तजिंदर बग्गा के घर करीब 50 पुलिस वाले पहुंचे और उन्हें गिरफ्तार कर लिया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बग्गा को पगड़ी भी पहनने नहीं दिया गया.

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार के उस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया जिसमे बीजेपी नेता बग्गा को हरियाणा में रखने की मांग की गयी थी. जब दिल्ली पुलिस ने बग्गा को अपनी कस्टडी में लिया फिर उसके बाद पंजाब पुलिस ने हरियाणा पुलिस की कार्रवाई को ‘कानून का उल्लंघन’ बता हाई कोर्ट का रुख किया था.

महाधिवक्ता (एजी) अनमोल रतन सिद्धू ने दावा किया कि सब कुछ प्रक्रिया के अनुसार चल रहा था लेकिन हरियाणा पुलिस ने प्रक्रिया में देरी की. पंजाब सरकार ने कोर्ट से दिल्ली पुलिस को बग्गा के साथ हरियाणा की सीमा पार नहीं करने देने का भी अनुरोध किया.

तजिंदर सिंह बग्गा को गिरफ्तार कर जब पंजाब पुलिस मोहाली कोर्ट में पेश करने ले जा रही थी तभी बीच रास्ते में पुलिस-पुलिस का खेल शुरू हो गया. पंजाब पुलिस को हरियाणा पुलिस ने कुरुक्षेत्र के गांव खानुपर कोलियां के पास रोक लिया.

इसका कारण था कि दिल्ली पुलिस ने तजिंदर बग्गा के पिता की शिकायत के आधार पर पंजाब पुलिस के खिलाफ ही अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था.

FIR के अनुसार तजिंदर बग्गा के पिता ने कहा कि उसे संदेह है कि उसके बेटे की हत्या की जा सकती है. FIR में यह भी कहा गया है कि तजिंदर बग्गा ने पुलिसकर्मियों से आग्रह किया कि वे उसे ले जाने से पहले पगड़ी पहनने दें, लेकिन उन्होंने यह अनुरोध नहीं माना.

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