Site icon TIMES OF PEDIA

बेचैनी और दबाव के माहौल में ख़ुशी का फ़ॉर्मूला ISTD


ज़िंदगी को आसान और मंगलमय बनाने में आपको जो चाहिए वो यहाँ मिल सकता है , क्या है ISTD आप भी जाने और अपने जीवन को Free में बनायें हसीन और Stress Free


Kota :/ दुनिया जब नफरत , द्वेष , खौफ और महामारी का दौर हो समाज , वर्गों , समुदायों ,धर्मों और लिंग के आधार पर बांटा जा रहा हो . इंसान की फ़ितरत इंसान को नीचे दिखाना , लूटना , खसोटना बन गया हो . इंसान मानवता छोड़कर भेड़िया बन गया ही ऐसे में अगर कहीं इंसानियत की , प्यार की , मोहब्बत की सामंजस्य और सौहार्द तथा सद्भाव की मजलिसें सजाई जा रही हों तो वो यक़ीनन जन्नत नुमा महफ़िल होगी .
   

Dr Monika Dubey                             Dr Anita Chauhan 

ऐसी ही एक महफ़िल Indian Society For Training & Development (ISTD) कोटा चैप्टर की तरफ़ से सजाई गयी , सैटरडे नॉलेज शेयरिंग सेशन श्रंखला के अंतर्गत हैप्पीनेस यानी उल्लास या खुशी विषय पर एक सैशन का आयोजन होटल सूर्या प्लाज़ा कोटा राजस्थान में आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता कोटा चैप्टर की सदस्य ओम कोठारी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की प्रोफेसर डॉ मोनिका दुबे ने हैप्पीनेस इंडेक्स पर भारत की विश्व में स्थिति बताते हुए पिछड़ेपन के कारणों की चर्चा की।

उन्होंने स्थिति सुधारने हेतु स्वयं को खुश रखने को हर भारतीय का नैतिक कर्तव्य बताया उन्होंने GDP के साथ ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस यानी GNH के महत्व को समझाया। हैप्पीनेस के कुछ व्यावहारिक तरीके रोचक कहानी द्वारा बताए गए जिसमें क्लब 99 का मेंबर की एक दिलचस्प और सबक़ आमोज़ कहानी भी ब्यान की जिसमें बताया गया की Club 99 का मेंबर बनने के बाद इंसान किस तरह सुख से हाथ धो बैठता है .

डॉ मोनिका दुबे ने जीवन में सर्वप्रथम परिवार फिर कार्य को प्राथमिकता देने व मित्रों के साथ शैयरिग करने पर बल दिया। हैप्पीनेस के साथ जीवन में Sustainability व Harmony व्यवहार में लाने की महत्ता बताई। इस अवसर पर डॉ साहनी व दिल्ली से पधारे टाइम्स ऑफ पीडिया चीफ एडिटर अली आदिल खान ने भी अपने विचार व्यक्त किए कार्यक्रम की अध्यक्षता चेयर पर्सन अनीता चौहान ने की व अंत में श्री नरेंद्र शुक्ला ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया ,ISTD मीडिया प्रभारी बी एस वर्मा के अलावा अन्य दर्जनों बुद्धिजीवियों ने इस महत्वपूर्ण और वक़्त की ज़रूरत बन चुके Session में शिरकत की और ISTD की chairperson की कोशिशों को सराहा तथा इस प्रकार के Programmes में सहयोग का भी आश्वासन दिया |

Exit mobile version