जयपुर, 08 सितंबर । जोजरी नदी में प्रदूषण की समस्या को लेकर राज्य सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को शासन सचिवालय में जोजरी नदी प्रदूषण मामले में गठित इंटीग्रेटेड कोऑर्डिनेशन ग्रुप (आईसीजी) की बैठक लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनुपालना की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को विभागवार कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जोजरी नदी प्रदूषण का समाधान केवल तात्कालिक उपायों तक सीमित नहीं होना चाहिए। कार्ययोजना का उद्देश्य नदी और उसके आसपास के क्षेत्र की पर्यावरणीय स्थिति में स्थायी सुधार सुनिश्चित करना होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से पूरी गंभीरता और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करने को कहा।
उन्होंने बिना उपचार के प्रदूषित पानी नदी में जाने की घटनाओं की जांच कर तत्काल रोकथाम के निर्देश दिए। साथ ही सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थिति, उनकी कार्यक्षमता और उपचारित पानी की गुणवत्ता की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
जोधपुर नगर निगम और जोधपुर विकास प्राधिकरण को क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने तथा उसके नियमित संचालन और रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने कृषि विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में विशेषज्ञ दल भेजकर मिट्टी की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच कराने के निर्देश दिए। फसलों पर प्रदूषण के प्रभाव का आकलन करने के साथ कृषि भूमि पर पड़ रहे दीर्घकालिक असर और फसल चक्र में हो रहे बदलाव का अध्ययन कर आवश्यक सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
वन विभाग को संबंधित वन क्षेत्रों में जमा कचरे और वनस्पति की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं स्वास्थ्य विभाग को क्षेत्र में स्तन कैंसर सहित गंभीर बीमारियों से जुड़ी शिकायतों को देखते हुए आवश्यक स्वास्थ्य जांच और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।
पीएचईडी और भूजल विभाग को क्षेत्र में भूजल एवं पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच करने तथा जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पीजोमीटर लगाने के निर्देश दिए गए। वहीं डीओआईटी को जोजरी नदी क्षेत्र से जुड़ी शिकायतों के पंजीकरण, निस्तारण और निगरानी के लिए समर्पित पोर्टल जल्द विकसित कर संचालित करने को कहा गया।
बैठक में मुख्य सचिव ने एसआईटी की ओर से दर्ज प्रकरणों की भी समीक्षा की और पुलिस अधिकारियों को प्रदूषण के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अध्यक्ष अपर्णा अरोड़ा ने बैठक में जोजरी नदी क्षेत्र की मौजूदा स्थिति, प्रदूषण से जुड़े आंकड़ों और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी प्रस्तुत की। अधिकारियों ने कार्ययोजना को अधिक व्यावहारिक, प्रभावी और दीर्घकालिक बनाने के संबंध में सुझाव भी दिए।
बैठक में जल संसाधन, उद्योग, वन एवं पर्यावरण, गृह, पुलिस सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जोधपुर कलेक्टर आलोक रंजन और बालोतरा कलेक्टर सुशील कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।

