Site icon TIMES OF PEDIA

दूसरे ब्रांड का आटा अपने नाम से बेच रही फ्लोर मिल पर छापा, डेढ़ लाख का स्टॉक सीज

flour-mill-caught-repacking-other-brands-flour

flour-mill-caught-repacking-other-brands-flour

कानपुर, 05 अगस्त । खाद्य पदार्थों में मिलावट और भ्रामक पैकेजिंग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने बुधवार को रामादेवी स्थित एक फ्लोर मिल पर छापेमारी कर बड़ी गड़बड़ी पकड़ी। जांच में पता चला कि दूसरे ब्रांड का आटा खोलकर उसे अपने ब्रांड के पैकेट में भरकर बाजार में उतारा जा रहा था। मौके से करीब डेढ़ लाख रुपये का स्टॉक सीज किया गया, जबकि पांच नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में एफएसडीए की टीम गांधीग्राम स्थित मेसर्स दर्शन ट्रेडिंग कंपनी पहुंची। जांच के दौरान टीम को उत्पादन और पैकेजिंग की प्रक्रिया में कई अनियमितताएं मिलीं। परिसर में साफ-सफाई का स्तर मानकों के अनुरूप नहीं था। खाद्य सामग्री का भंडारण भी नियमों के विपरीत मिला। कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण से जुड़े अभिलेख, खाद्य लाइसेंस और खरीद-बिक्री के दस्तावेज भी निरीक्षण के समय उपलब्ध नहीं कराए जा सके।

छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने देखा कि बाहर से आए अलग-अलग कंपनियों के पैक्ड आटे को खोलकर उसी आटे को दर्शन ब्रांड के पैकेट में भरकर दोबारा पैक किया जा रहा था। कई तैयार पैकेट ऐसे मिले जिन पर बैच नंबर, पैकिंग तिथि और उपयोग की अंतिम तिथि दर्ज नहीं थी। इसे खाद्य सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना गया।

कार्रवाई के दौरान लगभग 3000 किलोग्राम श्री भोग ब्रांड का आटा, आटा चक्की फ्रेश ब्रांड के पैक, 100 किलोग्राम दर्शन ब्रांड का आटा और 200 किलोग्राम चावल का आटा बरामद हुआ।

अधिकारियों को आशंका है कि चावल के आटे का इस्तेमाल गेहूं के आटे में मिलावट के लिए किया जा रहा था। इसी आधार पर गेहूं के आटे के चार और संदिग्ध अपमिश्रक का एक नमूना जांच के लिए लिया गया। बैच नंबर, पैकिंग तिथि और एक्सपायरी का विवरण न होने के कारण मौके पर मिले स्टॉक को सीज कर दिया गया। विभाग के अनुसार जब्त खाद्य पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये है।

सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह ने बताया कि आटे में मिलावट और फर्जी पैकेजिंग की शिकायतों को देखते हुए जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित फर्म के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे मामलों पर आगे भी लगातार निगरानी रखी जाएगी।

Exit mobile version