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नरेला की प्लास्टिक फैक्टरी में आग, मौके पर दमकल की 22 गाड़ियां, जारी है अग्निशमन अभियान.

शनिवार देर रात नरेला औद्योगिक क्षेत्र के एक प्लास्टिक दाना बनाने की फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। सूचना मिलने के बाद दमकल की एक दर्जन गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। लेकिन आग दो मंजिला इमारत को पूरी तरह से अपने चपेट में ले चुकी थी।
आग को मध्यम दर्जे का घोषित कर वहां एक दर्जन से अधिक गाड़ियों को भेजा गया। दमकल अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी के हताहत होने सूचना नही है। खबर लिखे जाने तक दमकल कर्मी आग बुझाने में जुटे हुए हैं।
रात 9.10 बजे दमकल विभाग को नरेला औद्योगिक क्षेत्र के एच ब्लॉक में आग लगने की जानकारी मिली। आस पास के स्टेशनों से तुरंत दमकल की 12 गाड़ियों को रवाना कर दिया गया।
आग फैक्ट्री की दो मंजिल में फैल चुकी थी और फैक्ट्री से आग की लपटें निकल रही थी। दमकल कर्मियों ने सबसे पहले वहां की फैक्ट्री की बिजली की सप्लाई को कटवाया और फिर आग को बुझाने में जुट गए। लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए 10 बजे इसे मध्यम दर्जे का घोषित कर मौके पर 13 और गाड़ियों को बुला लिया गया। प्लास्टिक का सामान होने की वजह से आग तेजी से फैली और दो मंजिल को अपने चपेट में ले लिया।
दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के दौरान फैक्ट्री में एक दो लोग ही मौजूद थे, जो आग लगते ही बाहर निकल गए। अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। दमकल अधिकारियों का कहना है कि आग को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि शार्ट सर्किट से आग लगी है।


दमकल विभाग में एडीओ एके शर्मा ने रविवार सुबह बताया कि कल रात फैक्ट्री में आग लगने के बाद से ही उसे बुझाने का काम जारी है। दरअसल, हम अंदर प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं। हम बाहर से आग बुझा रहे हैं। अगले 2-3 घंटों में इसके नियंत्रित होने की उम्मीद है24 घंटे के अंदर दिल्ली में आगजनी की यह दूसरी घटना है।
इससे पहले शुक्रवार को मुंडका इलाके में मेट्रो स्टेशन के पास स्थित तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लग गई। हादसे में महिला समेत 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग झुलस गए, जिन्हें ग्रीन कॉरिडोर बनाकर संजय गांधी अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने इमारत के तीन मालिकों समेत पांच के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। जिसमें कहा गया है कि इमारत में बहुत बड़ी लापरवाहियां बरती जा रही थीं।
फायर अधिकारी ने बताया कि हमें कुछ और अवशेष मिले हैं और ऐसा लगता है कि दो-तीन शव होंगे। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 30 हो सकती है। इमारत में आग ने इसलिए तेजी पकड़ी क्योंकि यहां बहुत सारे प्लास्टिक के सामान थे। अधिकारी ने ये भी बताया कि जब आग लगी तो 50 लोगों की बैठक चल रही थी। चूंकि दरवाजा बंद था इसलिए वह अंदर ही फंस गए। राहत व बचाव कार्य खत्म हो चुका है।

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