जयपुर, 08 अगस्त । शिप्रापथ थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने भांकरोटा इलाके में संचालित हो रहे एक फर्जी गेमिंग कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए 5 शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया गिरोह देशभर के लोगों को निशाना बनाकर 1 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम दे चुका है।
डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि साइबर हेल्पलाइन 1930 पोर्टल पर मिली शिकायतों और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क को क्रैक किया। संदिग्ध नंबरों की कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजेक्शन और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस टीम ने भांकरोटा स्थित ‘कृष्णा सनराइज अपार्टमेंट’ में फ्लैट नंबर-205 पर छापेमारी कर रमेश कुमार (25), निवासी सेड़वा, बाड़मेर, नैनाराम (35), निवासी जोधपुर, कृष्ण कुमार (24), निवासी धोरीमन्ना, बालोतरा, पप्पूराम (25), निवासी सेड़वा, बाड़मेर, प्रवीण कुमार (21), धोरीमन्ना, बालोतरा निवासी को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के खिलाफ 1930 पोर्टल पर देश के अलग-अलग राज्यों से 8 शिकायतें दर्ज हैं। एक पीड़ित से ही 2.50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया था। जब पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों की पड़ताल की, तो उनमें 1 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन उजागर हुआ। राजस्थान पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार प्रदेश भर में 20 जुलाई से 20 अगस्त तक चलाए जा रहे विशेष ‘अभियान साइबर शील्ड’ के तहत यह कार्रवाई की गई। साइबर सेल के कॉन्स्टेबल प्रभास कानी और सवाई सिंह की सटीक सूचना पर विशेष टीम ने इस फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। शिप्रापथ थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा और आईटी एक्ट की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस द्वारा जब्त लैपटॉप, मोबाइल और अन्य डिजिटल डिवाइसों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में देशभर में फैले नेटवर्क और बड़े लेन-देन से जुड़े कई अन्य अहम खुलासे हो सकते हैं।

