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दिल्ली विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की बैठक में 5889 करोड़ से हॉस्टल निर्माण को मंजूरी

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नई दिल्ली, 13 अक्टूबर । दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) की 1284वीं कार्यकारी परिषद की बैठक में 5889 करोड़ रुपये से 21895 विद्यार्थियों के लिए आवासीय सुविधाओं के निर्माण को मंजूरी प्रदान की गयी।

कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने मंगलवार को आयोजित बैठक में कहा कि 21वीं सदी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इन इमारतों के डिजाइन तैयार किए गए हैं। विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए नई आवासीय सुविधाओं का निर्माण अगले 100 वर्षों को ध्यान में रख कर किया जाएगा।

कार्यकारी परिषद द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार 4027 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से नए छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा, जिससे विश्वविद्यालय में 15758 विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा दो पुराने छात्रावासों के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव भी पारित किया गया है जिस पर करीब 1862 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इससे 6137 विद्यार्थियों के लिए अवसीय सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

कुलपति ने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय के ढाका कॉम्प्लेक्स, सूरजमल विहार कैंपस और नजफगढ़ कैंपस में अतिरिक्त बहुमंजिला हॉस्टल बिल्डिंग बनाने का निर्णय लिया गया है। नए हॉस्टलों के निर्माण के अतिरिक्त ‘जुबली हाल’ और ‘पीजी मेन्स हॉस्टल’ के पुन: निर्माण के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। विश्वविद्यालय में भवन निर्माण के लिए खाली स्थान की कमी को देखते हुए यह भी तय किया गया कि हर छात्रावास ब्लॉक को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि उस परिसर के लिए तय अधिकतम फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) का पूरा इस्तेमाल हो सके। इसके अलावा इन ब्लॉकों में डाइनिंग हॉल, दुकानें, कॉमन रूम, रीडिंग रूम, वार्डन के रहने की जगह आदि की सुविधा भी दी जाएगी।

बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुसार ढाका कॉम्प्लेक्स में हॉस्टल निर्माण के अलावा रोशनपुरा (नजफगढ़) में वीर सावरकर कॉलेज, द्वारका (नजफगढ़) में विश्वविद्यालय के पश्चिमी परिसर और सूरजमल विहार कड़कड़डूमा स्थित विश्वविद्यालय के पूर्वी परिसर में भी लड़कियों और लड़कों के लिए हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा। कार्यकारी परिषद ने सभी कॉलेजों से अपील की कि वे अपने कॉलेजों में भी नए हॉस्टलों के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करें और फंडिंग एजेंसी को भेजें।

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