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दिल्ली दंगों के अपराधियों की गिरफ़्तारी मज़हब देखकर होगी ?

दिल्ली दंगा 2020 : हिन्दुओं को गिरफ्तार किया तो झेलना पड़ सकता है रोष, स्पेशल सीपी ने दिया मनमानी गिरफ्तारी न करने का आदेश

दिल्ली पुलिस स्पेशल सीपी S.N. श्रीवास्तव ने दिल्ली दंगा मामले की जांच कर रहे अधिकारियों को आदेश दिया है कि “ऐहतियातन हिन्दू युवाओं की गिरफ्तारी न करें। ऐसा करने से हिन्दू समुदाय में रोष फैल सकता है। आदेश में कहा गया है कि गिरफ्तार करते समय पूरी सावधानी बरती जाय और सुरक्षा मानकों का पूरा ख्याल रखा जाय। प्रत्यक्ष और तकनीकी साक्ष्यों सहित सभी सबूतों का ठीक से विश्लेषण किया जाय और यह सुनिश्चित किया जाय कि सभी गिरफ्तारी पर्याप्त सबूतों द्वारा समर्थित हैं”।

आदेश में यह भी कहा गया है कि गिरफ्तार करते समय पूरी सावधानी बरती जाय और सुरक्षा मानकों का पूरा ख्याल रखा जाय।(किसकी सुरक्षा इसका खुलासा नहीं किया गया है ) , दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (Law and Order) ने जांच टीमों की अगुवाई कर रहे वरिष्ठ अधिकारियों को एक आदेश देते हुआ ऐसा लिखा है और उनसे जांच अधिकारियों का “उपयुक्त” मार्गदर्शन करने के लिए कहा है।

Muslim woman’s Husband arrested , no one is comrade

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फैली हिंसा के मामलों के एक केस में दिल्ली पुलिस द्वारा चल रही जांच, गिरफ्तारी और अभियोजन के बीच यह आदेश पारित किया गया है। विशेष सीपी (अपराध और आर्थिक अपराध शाखा) प्रवीर रंजन द्वारा दिनांक 8 जुलाई को हस्ताक्षरित आदेश में उत्तर-पूर्व दिल्ली के चांद बाग और खजूरी खास क्षेत्रों से कुछ हिंदू युवाओं के दंगा मामलों में गिरफ्तारी पर एक “खुफिया इनपुट” का हवाला दिया गया है। आदेश में कहा गया है, “समुदाय के प्रतिनिधि यह आरोप लगा रहे हैं कि ये गिरफ्तारियां बिना किसी सबूत के की गई हैं और यहां तक ​​कि इस तरह की गिरफ्तारियां कुछ निजी कारणों से की जा रही हैं।”

आदेश में दो मुस्लिम पुरुषों का भी नाम है जो और कहा गया है, “चांद बाग और खजूरी खास क्षेत्रों में दंगों के दौरान दो मुस्लिम युवकों ने भीड़ जुटाई और उनके खिलाफ” कथित तौर पर पुलिस ने निष्क्रियता दिखाई। इसकी वजह से हिंदू समुदाय के बीच नाराजगी है।” (जबकि प्रमाण इसके बिलकुल विपरीत हैं , जिनमे पुलिस को बहुसंख्यक समुदाय की भीड़ के साथ उनको उकसाते और सहयोग करते हुए Vedios मौजूद हैं )

स्पेशल सीपी के आदेश में कहा गया है, “किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करते समय उचित देखभाल और सावधानी बरती जाय। प्रत्यक्ष और तकनीकी साक्ष्यों सहित सभी सबूतों का ठीक से विश्लेषण किया जाय और यह सुनिश्चित किया जाय कि सभी गिरफ्तारियां पर्याप्त सबूतों द्वारा समर्थित हैं। किसी भी मामले में कोई मनमानी गिरफ्तारी नहीं की जानी चाहिए और सभी सबूतों पर विशेष पीपी (सरकारी अभियोजक) के साथ चर्चा होनी चाहिए। आदेश में कहा गया है: “पर्यवेक्षी अधिकारी एसीपी / डीसीपी – एसआईटी और अतिरिक्त सीपी / अपराध (मुख्यालय) IOs (जांच अधिकारियों) को उपयुक्त तरीके से मार्गदर्शन करें।”

स्पेशल सीपी S N श्रीवास्तव द्वारा दिल्ली दंगों में गिरफ्तारियों को लेकर जांच एजेंसीज और दिल्ली पुलिस अधिकारीयों को जिस प्रकार के आदेश दिए हैं वो बज़ाहिर सराहनीय हैं किन्तु “ऐहतियातन हिन्दू युवाओं की गिरफ्तारी न करें। ऐसा करने से हिन्दू समुदाय में रोष फैल सकता है।” वाली बात पर SN श्रीवास्तव साहब (Special CP )के इस आदेश खुले आम पक्षपात और न इन्साफ़ी दिखाई पड़ती है , हालाँकि उनका कोई भी आदेश ग्रह मंत्रालय से पारित होकर ही आता होगा ऐसा गुमान किया जाता है .और ग्रह मंत्री जिस विचार धारा के सहयोगी हैं वो किसी से छुपा नहीं है .स्पेशल कोरेस्पोंडेंट TOP News

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