ब्यूरो सूत्रों के अनुसार ऋषि नगर निवासी विनोद ने शिकायत देकर आरोप लगाया
था कि कुछ माह पहले उसकी पत्नी का निधन हो गया था। इसके बाद वह हरियाणा सरकार की योजना
के तहत विधुर पेंशन के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी कर रहा था। आरोप है कि ई-दिशा केंद्र
का कंप्यूटर ऑपरेटर विजेंद्र उसके दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने और अन्य औपचारिकताएं
शिकायत के अनुसार विजेंद्र ने काम करने की एवज में विनोद से 2500 रुपये की
मांग की। इसके बाद विनोद ने मामले की शिकायत राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो
को दी। शिकायत के आधार पर इंस्पेक्टर मुकेश के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम में
एएसआई भरत लाल, एसआई गीता, एएसआई वीरेंद्र और महिला सिपाही सुनैना शामिल रहे।
ब्यूरो की टीम ने कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता को आरोपी के पास भेजा। जैसे
ही विजेंद्र ने विनोद से 2500 रुपये लिए, इशारा मिलते ही टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़

