प्रदर्शन की सराहना की और हरियाणा का नाम देश-दुनिया में रोशन करने पर बधाई दी।
डा.
अर्चना गुप्ता ने कहा कि पैरा खिलाड़ी केवल खेल मैदान के खिलाड़ी नहीं, बल्कि साहस,
आत्मविश्वास और संघर्ष के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि शारीरिक चुनौतियों के बावजूद
देश के लिए पदक जीतना उनके अटूट संकल्प और कठिन परिश्रम का प्रमाण है। ऐसे खिलाड़ी
समाज और युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत
ईमानदारी से की जाए तो कोई भी बाधा सफलता का रास्ता नहीं रोक सकती।
उन्होंने
कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने कुल 39 पदक जीते, जिनमें हरियाणा के खिलाड़ियों
ने 10 पदक हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। देश के 13 स्वर्ण पदकों में से सात स्वर्ण
हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते, जिनमें पांच बेटियों का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय
रहा। उन्होंने इसे प्रदेश की खेल संस्कृति, खिलाड़ियों की मेहनत और राज्य सरकार की
खेल नीतियों का परिणाम बताया।
डा.
अर्चना गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खिलाड़ियों
को आधुनिक प्रशिक्षण, विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं और उपलब्धियों के अनुरूप सम्मान व प्रोत्साहन
दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता खिलाड़ियों और युवाओं को बेहतर अवसर
उपलब्ध कराना है।
उन्होंने
युवाओं से अधिक से अधिक खेल गतिविधियों में भाग लेने, स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने
और नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उनका कहना था कि खेल अनुशासन, नेतृत्व क्षमता,
आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि
सरकार का लक्ष्य प्रत्येक गांव और शहर से नए खिलाड़ी तैयार कर हरियाणा की खेलों में
अग्रणी पहचान को और मजबूत करना है। इस अवसर पर भाजपा के जिला अध्यक्ष बिजेंद्र मलिक,
अशोक भारद्वाज, जिला महामंत्री महेंद्र चिड़ाना, नगर परिषद चेयरमैन रजनी विरमानी सहित
अनेक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

