नई दिल्ली, 24 सितंबर । मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को ‘9वें राष्ट्रीय पोषण माह’ के अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी की बहनें वर्षों से बिना किसी लाइमलाइट के लगातार समाज की सेवा कर रही हैं। कभी बच्चों की देखभाल, कभी गर्भवती महिलाओं तक पहुंचना, कभी सर्वे करना, टीकाकरण में सहयोग देना, डेटा तैयार करना या जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाना, वे अलग-अलग जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाती हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में लगभग 10,870 आंगनवाड़ी केंद्र हैं और इनमें कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ पालना केंद्रों से जुड़ी कार्यकर्ताओं को भी इस सम्मान पहल में शामिल किया जा रहा है। हर विधानसभा में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के अभिनंदन एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसकी शुरुआत आज से की गई है। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनते हुए बताया कि किराए के भवनों में चल रहे केंद्रों की समस्याओं को अधिकारियों के साथ चर्चा में रखा गया है। सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में आंगनवाड़ी केंद्रों को बेहतर और स्थायी भवनों में विकसित करना है। पहले चरण में केंद्रों को नगर निगम के स्कूल परिसरों में शिफ्ट किया जा रहा है, जहां बच्चों को शौचालय, पार्क और खेलने की जगह जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने का आश्वासन देते हुए उनकी कार्य परिस्थितियों में सुधार का भरोसा दिया और उनसे अपनी जिम्मेदारियां प्रेम, सम्मान और निष्ठा के साथ निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्षों से समाज की सेवा कर रहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की चिंताओं की जिम्मेदारी अब उनकी मुख्यमंत्री बहन की है और सरकार उनके काम की परिस्थितियों को बेहतर बनाने के लिए काम करेगी। ‘सेवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य केवल योजनाएं और सुविधाएं पहुंचाना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने वालों और लाभार्थियों से संवाद कर उनकी वास्तविक जरूरतों को समझना और जरूरी सुधार करना भी है।

