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अमेरिका ने इंदिरा गांधी पर भी दबाव बनाया था

Indra gandhi rejected US Pressure in 1971

प्रेस विज्ञप्ति

मुम्बई 10 मई, 2025: अखिल भारतीय कॉंग्रेस के विचार विभाग की वरिष्ठ उपाघ्यक्षा डॉ.जया शुक्ला ने कहा कि जग किसी भी इन्सान को अच्छी नहीँ लगती, न मानवता के लिये अच्छी है।

परन्तु आज की सीज़फ़ायर पर हमारे देश की साहस और धैर्य की प्रतिमूर्ति श्रीमती इंदिरा गाँधीजी की कमी बेहद महसूस हो रही है, परोक्ष रूपसे यह सीज़फ़ायर अमरीका की धमकी का परिणाम है।

Indra gandhi rejected US Pressure in 1971

अमेरिका ने इंदिरागांधी पर भी दबाव बनाया था, धमकी दी गई, चेतावनी दी गई कि अगर भारतने कदम बढ़ाया तो अंजाम भुगतने होंगे। लेकिन इंदिरागांधी न रुकीं, न झुकीं, न डरीं।

उन्होंने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि भारत की सरहदों और सम्मान की रक्षा किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव से ऊपर है। नतीजा !!!!! 1971 में पाकिस्तानके 2 टुकड़े करते हुए इंदिराजी ने बांग्लादेश बना दिया।

आज जो नेता अमेरिकी दबाव में घुटने टेक रहे हैं, उन्हें इंदिरा गांधीजी का साहस याद रखना चाहिए।

डॉ. शुक्ला ने कहा कि राष्ट्रहित पर कभी समझौता नहीं होता। उन्होँने कहा कि देश मेँ ऐसा वातावरण बनाना चाहिये, जहाँ इस बात पर विमर्श हो सके कि एक तीसरी शक्ति कैसे हमपर दबाव डाल पाई।

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