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अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सेना झड़प पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह संसद में देंगे बयान

कांग्रेस ने लगाया बड़ा आरोप कहा प्रधानमंत्री मोदी अपनी छवि बचाने के लिए देश को बड़े खतरे में डाल रहे है .

भारतीय और चीनी सैनिकों की अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के निकट झड़प की घटना सामने आई है

इस घटना को लेकर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है. बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, सीडीएस लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान, तीनों सेना प्रमुख, विदेश सचिव एवं रक्षा सचिव भी शामिल होंगे. आज राजनाथ सिंह संसद को संबोधित भी करेंगे.

भारतीय और चीनी सैनिकों की अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के निकट एक स्थान पर नौ दिसंबर को झड़प हुई थी. जिसमें ‘‘दोनों पक्षों के कुछ जवान मामूली रूप से घायल हो गए.” भारतीय सेना ने सोमवार को यह जानकारी दी थी.

इस मुद्दे पर संसद में हंगामा होने के आसार हैं क्योंकि कांग्रेस के कई नेता संसद के दोनों सदनों में इस पर चर्चा के लिए स्थिर प्रस्ताव लाने वाले हैं

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कल ट्वीट कर लिखा था कि, ‘‘एक बार फिर हमारे सैनिकों को चीन ने उकसाया है. हमारे सैनिकों ने बहादुरी से मुकाबला किया और कुछ जवान घायल भी हुए. हम राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राष्ट्र के रूप में एक हैं और इसका राजनीतिकरण नहीं करेंगे. लेकिन मोदी सरकार को एलएसी (लाइन ऑफ एक्जुअल कंट्रोल) पर चीन की आक्रामकता और अप्रैल 2020 से हो रहे निर्माण कार्य को लेकर ईमानदार होना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को इस मुद्दे पर संसद में चर्चा करनी चाहिए और देश को भरोसा दिलाना चाहिए. हम अपने जवानों की वीरता और बलिदान के कर्जदार हैं.

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वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट कर लिखा था, ‘‘भारतीय सेना के शौर्य पर हमें गर्व है. सीमा पर चीन की हरकतें पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं. पिछले दो साल से हम बार-बार सरकार को जगाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार केवल अपनी राजनीतिक छवि को बचाने के लिए इस मामले को दबाने में लगी हुई है. इससे चीन का दुस्साहस बढ़ता जा रहा है.

रमेश ने आरोप लगाया, ‘‘देश से बड़ा कोई नहीं है, लेकिन मोदी जी अपनी छवि को बचाने के लिए देश को ख़तरे में डाल रहे हैं.”

उन्होंने कहा, ‘‘उत्तरी लद्दाख़ में घुसपैठ स्थायी करने की कोशिश में चीन ने डेपसांग में एलएसी की सीमा में 18 किलोमीटर अंदर घुस 200 स्थायी शेल्टर बना दिए, पर सरकार चुप रही. अब यह नया चिंताजनक मामला सामने आया है.

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