जयपुर, 08 अक्टूबर । जिला उपभोक्ता आयोग क्रम-2 ने भूमि आवंटन से जुड़े मामले में जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन और जेडीए के जोन-9 के उपायुक्त सूर्यकांत शर्मा के गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं।
आयोग ने पुलिस कमिश्नर को कहा है कि दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर 12 अक्टूबर को पेश किया जाए। आयोग ने यह आदेश कृष्णा के अवमानना परिवाद पर सुनवाई करते हुए दिए।
परिवाद से जुडे अधिवक्ता उमेश श्रृंगी ने बताया कि परिवादी ने जेडीए की निलय कुंज आवास योजना में आवेदन किया था। जिसकी लॉटरी में उसे भूखंड संख्या 454 आवंटित किया गया, लेकिन एक साल में भी भूखंड का कब्जा नहीं देने पर परिवादी ने जिला उपभोक्ता आयोग पर परिवाद पेश किया। चार साल की सुनवाई के बाद साल 2016 में उपभोक्ता आयोग ने जेडीए को आदेश दिए कि वह परिवादी को आवंटित भूखंड का कब्जा पत्र जारी करे। इस आदेश को जेडीए ने पहले राज्य आयोग और उसके बाद नेशनल कमीशन सहित सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन सभी स्तरों पर जेडीए को राहत नहीं मिली। दूसरी ओर आदेश की पालना नहीं होने पर परिवादी की ओर से साल 2020 में जिला आयोग के समक्ष अवमानना याचिका पेश कर कार्रवाई की गुहार की गई। परिवादी के अधिवक्ता ने बताया कि आयोग ने जिस भूखंड संख्या 454 को आवंटित करने करने का आदेश दिया था, जेडीए ने उसे किसी अन्य व्यक्ति को आवंटित कर दिया। इसके बाद परिवादी को भूखंड संख्या 194 आवंटित करने का आश्वासन दिया, लेकिन इसे भी बाद में किसी अन्य व्यक्ति को आवंटित कर दिया। वहीं परिवादी को निलय कुंज योजना फेज-द्वितीय में भूखंड संख्या 7 आवंटित किया गया। जिसकी संपूर्ण राशि परिवादी ने जमा करा दी, लेकिन जेडीए ने उसकी आगे से चौडाई को काटकर स्वरूप ही बदल दिया। जिससे परिवादी को वास्तविक व पूर्ण कब्जा प्राप्त नहीं हो सका।

