चित्तौड़गढ़, 09 अक्टूबर । जिले के निवासी सेना के हवलदार जितेंद्र सिंह (41) की असम में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। शुक्रवार को उनकी पार्थिव देह उनके पैतृक गांव गंगरार क्षेत्र के सूरत सिंह जी का खेड़ा लाई गई। जितेंद्र सिंह का सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया। जवान को 13 साल की बेटी कीर्तिराज और उनके छोटे भाई ललित सिंह ने मुखाग्नि दी।
पत्नी श्याम कंवर, बड़ी बेटी कीर्तिराज और एक साल की बेटी सौम्या को सेना के अधिकारियों ने वर्दी सौंपी। पत्नी हाथ में वर्दी लेकर रोने लगीं। यह देख वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। पिता रघुवीर सिंह बेटे का शव देख बिलख पड़े।
सेना अधिकारियाें के अनुसार- हवलदार जितेंद्र सिंह को 1 नवंबर को ‘नायब सूबेदार’ के पद पर पदोन्नति मिलने वाली थी। 25 दिन पहले कॉर्डियेक अरेस्ट से जितेंद्र सिंह चौहान का असम में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। असम से जितेंद्र सिंह की पार्थिव देह को एयर एंबुलेंस से गुरुवार रात जयपुर लाया गया, इसके बाद शुक्रवार सुबह 4 बजे चित्तौड़गढ़ जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में पहुंचाया गया। सुबह करीब 7:45 बजे पार्थिव देह को गंगरार पेट्रोल पंप लाया गया।
गंगरार पेट्रोल पंप से फूलों से सजी सेना की गाड़ी में जवान की अंतिम यात्रा शुरू हुई। इस दौरान ‘जितेंद्र सिंह अमर रहें’ के नारों के लगाते हुए बड़ी संख्या में लोग बाइक से आगे चल रहे थे। यात्रा कोट पुलिया, शारणेश्वर महादेव मंदिर, पुराना बस स्टैंड, परशुराम सर्किल और अंबेडकर सर्किल से होते हुए नेशनल हाईवे के रास्ते उनके गांव सूरत सिंह जी का खेड़ा पहुंची। रास्ते भर ग्रामीणों ने फूल बरसाकर जवान को अंतिम विदाई दी।
जितेंद्र सिंह चौहान ने जून 2004 में भारतीय सेना जॉइन की थी। करीब 22 साल 4 महीने तक उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों में रहकर अपनी सेवाएं दीं। वर्तमान में वह भारतीय सेना की 629 साटा बैटरी (असम) में आरटी हवलदार के पद पर तैनात थे।
उनके परिवार में पत्नी श्याम कंवर, दो बेटियां कीर्तिराज (13) व सौम्या (1) के अलावा बुजुर्ग माता-पिता और छोटे भाई ललित सिंह हैं। ललित राजस्थान पुलिस में कार्यरत हैं। जितेंद्र सिंह को एसडीएम नेहा मिश्रा, विधायक सुरेश धाकड़, पूर्व जिला महामंत्री देवी सिंह राणावत, पूर्व जिला प्रमुख भेरू सिंह चौहान सहित सेना और प्रशासन के अफसरों ने पुष्पांजलि अर्पित की।

