हो रहा है, इसकी सही या गलत होने की पुष्टि नहीं हुई है।
श्रेणी कर्मचारी के तौर पर कार्यरत है। रजिस्ट्रार उससे सरकारी वाहन अधिकारियों के
निजी और पारिवारिक कामों के लिए चलवाने का दबाव बनाते हैं। ऐसा करने से मना करने पर
कथित तौर पर गाली-गलौज की जाती है और नौकरी से निकलवाने की धमकी दी जाती है। रवि ने
कहा कि वह अनुसूचित जाति से संबंध रखता है और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से है। कथित
व्यवहार के कारण वह मानसिक रूप से परेशान है और उसे नौकरी जाने का डर है। उसने घटनाओं
सुनाई देते हैं कि वह ड्यूटी पर क्यों नहीं आया। कर्मचारी रात में गाड़ी चलाने और आंखों
में परेशानी होने की बात कहता है। इस पर कथित तौर पर उसे बहाने न बनाने, हां या ना
में जवाब देने और नहीं आने पर घर बैठने को कहा जाता है। बातचीत में पहले माफी स्वीकार
करने और दोबारा नौकरी पर नहीं रखने की बात भी सुनाई देती है। इस ऑडियो की प्रामाणिकता
कहा कि उन्हें नहीं पता कि वायरल ऑडियो कब की है। उनके अनुसार, यह तत्कालीन कुलपति
के कहने पर राजनीतिक साजिश के तहत कराई गई शिकायत है। उन्होंने बताया कि तत्कालीन कुलपति
31 तारीख को सेवानिवृत्त हो गए हैं। फिलहाल मामले में प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि
नहीं हुई है। शिकायत पर संबंधित अधिकारियों की जांच और कार्रवाई का इंतजार है।

