लखनऊ, 26 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में हो रहे भारी घपले, विसंगतियों और चुनाव आयोग के पक्षपातपूर्ण रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वोटर लिस्ट में बार-बार गड़बड़ी उजागर होने के बावजूद चुनाव आयोग जवाबदेही तय करने के बजाय बेतुके और कुतर्क दे रहा है। यह आरोप आम आदमी पार्टी (आआपा) के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने लगाए। वे सोमवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
संजय सिंह ने कहा कि पार्टी के पूर्वांचल प्रांत अध्यक्ष राजेश यादव द्वारा मतदाता सूची की गड़बड़ियों पर सवाल उठाए जाने पर उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिनवा ने रात 12:30 बजे जो जवाब दिया, वह घोर आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का यह कहना कि ‘सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं है और शुक्र है कि राम ने किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा वरना सांप्रदायिक होने का आरोप लग जाता’, यह साबित करता है कि संवैधानिक पद पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एजेंट बना हुआ है। ऐसे अधिकारी के रहते यूपी में निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं है, इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
संजय सिंह ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अपराध-मुक्त यूपी के दावों की हवा निकल चुकी है। राजधानी लखनऊ के सआदतगंज में जमीन विवाद के चलते थाने में शिकायत के बावजूद दिनदहाड़े तीन सगे भाइयों—शिवा तिवारी, सूर्यांश तिवारी और शिवेंद्र तिवारी की निर्मम हत्या कर दी गई। इससे पहले शिवा शर्मा और श्रद्धा दुबे के मामले सामने आ चुके हैं। उन्हाेंने कहा कि भाजपा नेता पंजाब की कानून-व्यवस्था पर तो बयानबाजी करते हैं, लेकिन अपनी नाक के नीचे राजधानी में हो रहे हत्याकाण्डों पर पूरी तरह मौन हैं।

